ऑपरेशन ब्लू स्टार को चाहे 39 साल हो चुके हैं लेकिन जनरल बराड़ के इस बयान के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई है। इतने सालों के बाद भी सिख समुदाय में ऑपरेशन ब्लू स्टार को लेकर रोष है। आज भी गांधी परिवार को श्री हरमंदिर साहिब में वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिलता, जिसके चलते राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित उनके किसी भी पारिवारिक सदस्य को आज भी सिरोपा नहीं दिया जाता। कांग्रेस की भारत जोड़ों यात्रा में भी राहुल को यहां आने पर सिरोपा नहीं दिया गया था।
गौर हो कि 1984 में कुलदीप बराड़ की अगुआई में ही सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया था। श्री हरमंदिर साहिब के अंदर छिपे कट्टरपंथियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भारतीय सेना सिखों के सबसे पवित्र स्थानों में से एक श्री दरबार साहिब में दाखिल हुई। इस कार्रवाई में सैकड़ों लोग मारे गए। मरने वालों में जरनैल सिंह भिंडरांवाले भी था, जिसके नेतृत्व में कट्टरपंथी सिखों के लिए एक अलग राज्य खालिस्तान की मांग कर रहे थे। इस सैन्य कार्रवाई में 492 लोगों की जान गई थी। इसमें सेना के चार अफसरों समेत 83 जवान शहीद हुए थे। जनरल बराड़ 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के भी हीरो थे। 16 दिसंबर 1971 को ढाका में प्रवेश करने वाले वह पहले भारतीय सैनिकों में से एक थे।