आगजनी के बाद भी लापरवाही जारी रही और करीब आधे घंटे की देरी में धू-धू कर केयू आडिटोरियम का सामान सवाह हो गया।
गौरतलब है कि सुरक्षाकर्मी राजबीर ने आगजनी की सूचना 3 बजकर 15 मिनट पर केयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर डॉ. डीएस संधू को दी थी। उसके तुरंत बाद दूसरी सूचना सुपरवाइजर अमरजीत को दी गई।
तीसरी सूचना डिप्टी सीएसओ मनोज मिश्रा को दी गई थी। हैरत की बात ये है कि तीन अधिकारियों को तुरंत सूचना देने के बावजूद सेक्टर-13 स्थित दमकल केंद्र से रवाना हुई फायर ब्रिगेड की गाड़ी करीब पांच मिनट तक केयू का दूसरा गेट बंद होने के कारण खड़ी रही।
ये गेट खुलने के बाद जब दमकल कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे तो ऑडिटोरियम के गेट पर ताला जड़ा हुआ था। इसी वजह से करीब 15 मिनट तक फायरब्रिगेड की गाड़ी ताला खुलने और चाबी के आने की प्रतीक्षा में खड़ी रही।
जबकि भीतर आग की लपटें तेजी से फैलती रहीं। गोल्डन 20 मिनट लापरवाही में जाने से काफी क्षति पहुंची है। उपरोक्त लापरवाही न होती और तत्परता दिखाई होती तो शायद नुकसान इतना नहीं होता।
सवाल ये है कि जब करीब छह किलोमीटर दूर स्थित दमकल केंद्र से गाड़ी केयू के सेकेंड गेट और फिर उसके बाद ऑडिटोरियम हॉल तक पहुंच गई तो केयू के भीतर का स्टाफ किस नींद में था।
इनके गेट खोलने में करीब आधे घंटे का वक्त खराब हो गया। ये बीसी मिनट केयू पर कितने भारी पड़े हैं। इसका असर तो अभी ऑडिटोरियम पर होने वाले खर्च और रद होने वाले प्रोग्राम से ही पता लगेगा।
वीसी साहब पहुंचे छह घंटे बाद
करोड़ों की लागत से बना केयू का भव्य आडिटोरियम हॉल बीती रात आगजनी में बुरी तरह क्षति ग्रस्त हो गया। हैरत की बात है कि वीसी आवास से चंद कदम की दूरी पर ही यह ऑडिटोरियम है।
घटना स्थल का तत्काल मुआयना करने की बजाय वीसी छह घंटे बाद मौके पर पहुंचे। ऑडिटोरियम में आग बुधवार को तड़के तीन बजे लगी थी। जबकि वीसी नौ बजे मौके पर पहुंचे। केयू रजिस्ट्रार तो मौके पर पहुंचे ही नहीं।
चाबियां लेकर सुपरीडेंट पहुंचे मौके पर
जब 15 मिनट बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी खड़ी रही तो फिर सुपरिंटेंडेंट ईश्वरचंद ओडी की चाबियां लेकर पहुंचे। इसके बाद फायर मैन ओडी में प्रवेश कर पाए और आग बुझाने का काम शुरू हुआ।
घटना के बाद नहीं बजा हूटर
बताया गया है कि आग लगने पर भी आगजनी का संकेत देने वाले आलर्म सिस्टम काम नहीं कर पाए। आलर्म न बजना भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किए गए प्रबंधों पर सवालिया निशान लगाने के लिए काफी है। अगर समय रहते हूटर बजते तो फिर इतना अधिक नुकसान नहीं होता तथा स्थिति कुछ और ही होती।
जांच के लिए कमेटी बनेगी : पूनिया
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि जांच के लिए एसेसमैंट कमेटी बनाई जाएगी।
यह कमेटी आग लगने के कारणों और नुकसान का पता लगाएगी। अभी निश्चित रूप में घटना से हुए नुकसान के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर डॉ. संधू ने दी शिकायत
डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि घटना के बारे में शिकायत पुलिस को दी गई है। उनके मुताबिक चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर डॉ. डीएस संधू ने पुलिस को इस संदर्भ में शिकायत दर्ज करा दी है।
ऑडिटोरियम में होने वाले कार्यक्रम रद्द
ऑडिटोरियम हॉल में होने वाले कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि 28-29 अगस्त व 3-4 सितंबर को दिखाई जाने वाली फिल्मों के कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है।
रत्नावली तक नहीं तैयार हो पाएगा ओडी
हरियाणा दिवस पर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में होने वाला रत्नावली महोत्सव भी प्रभावित होगा। क्योंकि कलाकारों के महाकुंभ के अधिकतर कार्यक्रम ऑडी में ही होते हैं और केयू का यह सभागार रत्नावली कार्यक्रमों में चार-चांद लगाता है। बताया गया है कि पूरी तरह से सभागार तैयार करने में काफी समय लगेगा।