फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटे को घर पर अकेला छोड़ कोमलप्रीत ने कोविड वार्ड में की ड्यूटी, बोलीं- परिवार से पहले देश

Thu, 03 Sep 2020 11:36 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन

कोरोना महामारी में कुछ लोग दूसरों की मदद के लिए न तो खुद की परवाह करते हैं और न ही परिवार की। पीजीआई की सीनियर ओटी टेक्नीशियन कोमलप्रीत की ड्यूटी जब कोविड वार्ड में लगी तब उनका बेटा घर पर 14 दिन के लिए अकेला रहा था। उनके बेटे की उम्र अभी 14 साल है। घर पर सिर्फ मां-बेटा रहते हैं।

विज्ञापन


कोमलप्रीत ने बताया कि बेटे की देखभाल के आधार पर उन्हें कोविड वार्ड में ड्यूटी न करने की छूट मिल सकती थी लेकिन उन्होंने अपने बेटे की बजाय अपनी ड्यूटी को चुना। कोविड वार्ड में ड्यूटी लगने के बाद ओटी टेक्नीशियन को 14 दिन घर जाने की इजाजत नहीं होती है। सात दिन ड्यूटी करनी होती है और सात दिन क्वारंटीन रहना पड़ता है। इस हिसाब से 14 दिन बाद ही घर जाने को मिलता है।

कोमलप्रीत ने बताया कि उनके लिए देश पहले और परिवार बाद में है। उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान वह बेटे से दूर जरूर थीं लेकिन वीडियो कॉल कर उसका हालचाल पूछती रहती थीं। डिपार्टमेंट व सहयोगियों की ओर से पूरा सहयोग मिला। परिवार ने भी हौसला बढ़ाया। कोमल की अनुपस्थिति पर उनकी सहयोगी उनके बेटे को खाना पहुंचाती थीं। कोमलप्रीत की अब दोबारा से ड्यूटी शुरू हो रही है। इस बार उन्होंने अपने बेटे को अपने अभिभावकों के पास भेज दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें असली खुशी तब मिलती है, जब कोई मरीज ठीक होकर घर जाता है।
विज्ञापन


कोविड वार्ड में ड्यूटी करना नहीं आसान
अपनी जिम्मेदारियों के बारे में उन्होंने बताया कि कोविड वार्ड में ड्यूटी करना आसान नहीं होता। हर वक्त संक्रमण का खतरा रहता है। पीपीई किट को पहनना और उतरना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता है। पीजीआई की ओर से इंतजाम ठीक किए गए हैं। डॉक्टर व अन्य स्टाफ भी पूरी लगन के साथ कोरोना मरीजों की सेवा कर रहा है। मरीजों की ओर से भी सहयोग मिल रहा है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें