शहर के निजी स्कूलों में इन दिनों पपेट थिएटर वर्कशाप बच्चों को खास पसंद आ रही है। इसका कारण है इस वर्कशाप में बच्चे मस्ती के साथ-साथ एक्टिंग के भी गुर सीख रहे हैं। साथ ही सबके सामने एक्टिंग कर अपनी झिझक भी खत्म कर रहे हैं।
शहर के एकमात्र पपेट थिएटर चंडीगढ़ के निदेशक शुभाशीष नियोगी का कहना है कि बच्चों को पपेट थिएटर रोचक कांसेप्ट लगता है। क्योंकि कठपुतली अक्सर बच्चों को रोमांचित करती है। कठपुतली को थिएटर के जरिए पेश करना बच्चों के लिए नया है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट स्कूलों में पपेट थिएटर वर्कशाप की इस साल खासी डिमांड है।
वे अभी तक शहर के आधा दर्जन से अधिक प्राइवेट स्कूलों में वर्कशाप कर चुके हैं। यह ग्रुप कई वर्षों से शहर में पपेट थिएटर को प्रमोट कर रहा है और स्कूली बच्चों की पपेट थिएटर के जरिए एक्टिंग के गुर सीखने के साथ-साथ उनकी काल्पनिकता को बढ़ा रहे हैं।
हिचक होती है दूर
शुभाशीष ने बताया कि पपेट थिएटर एक ऐसा माध्यम है, जिसमें बच्चों को बिना किसी शर्म और डर के अभिनय करना होता है। इससे बच्चों की हिचक दूर होती है और वह अपनी प्रतिभा का खुलकर प्रदर्शन करते हैं। यह पर्सनैलिटी ग्रूमिंग का सबसे बेहतरीन माध्यम है।