फेसबुक, ट्विटर, वाट्स एप ने इस बार विधानसभा चुनाव को हाईटेक बना दिया है। इससे पहले भी चुनाव होते थे। प्रचार होता था, लेकिन कैसे? क्या ढंग था? क्या मुद्दे होते थे? टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर रही युवा पीढ़ी उस जमाने को सोशल मीडिया के जरिये बता रही है।
युवा पीढ़ी में सबसे लोकप्रिय नेता हैं देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री स्व. देवीलाल। जिनके चुनाव प्रचार के दौरान की तस्वीरें लगातार वायरल हो रही हैं।
देवीलाल ने किसी भी कार्यक्रम या सभा के लिए कोई समय दे दिया गया तो वह कार्यक्रम कभी रद नहीं हुआ। साथ ही वे कभी भी किसी जनसभा में देरी से नहीं पहुंचे।
देवीलाल के प्रचार तंत्र से जुड़े गांव अबूबशहर निवासी बलराम जाखड़ का कहना है कि वे 1977 में देवीलाल के संपर्क में आए थे। देवीलाल के प्रचार करने की अपनी ही एक शैली थी। उनके आने का संदेश कई दिन पहले पहुंच जाता था।
उस समय संचार के संसाधन न होने के कारण बस के जरिये पार्टी कार्यकर्ता हलका प्रधान तक संदेश पहुंचाते थे। संचार के साथ-साथ यातायात संसाधन न के बराबर होने पर वे मात्र एक ही वाहन पर कई-कई गांव घूमते थे।