उम्र छोटी है पर अनुभव काफी हो चुके हैं। स्कूली समय से ही मंच पर बोलने की कला और राष्ट्रीय स्तर पर खेल में प्रदर्शन से नेतृत्व के गुण छोटी सी आयु में ही सीखी लिए। हम बात कर रहे हैं अजय सिंह चौटाला के छोटे बेटे दिग्विजय चौटाला की।
ऊर्जा से भरपूर इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष को थकावट का अहसास नहीं होता। लोगों के बीच ज्यादा से ज्यादा समय बिताना दिग्विजय की आदत बन चुकी है। कहीं भी हो पर शारीरिक व्यायाम करने में आलस नहीं करते। लंदन से लॉ कर रहे दिग्विजय ने चुनावी व्यस्तता के चलते अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी।
चौधरी देवीलाल की चौथी पीढ़ी में मजबूत स्तंभ बने दिग्विजय चौटाला सुबह छह बजे उठते हैं। एक घंटा व्यायाम करते हैं। वे कहते हैं कि फिटनेस जरूरी है। उसके बाद नास्ते में फ्रूट या जूस लेते हैं। आधा से एक घंटा तक लोगों से मिलते हैं। लोगों से मिलते समय उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती है।
मानसिक तनाव में कभी नहीं आते। नौ से साढे़ नौ बजे फील्ड के लिए रवाना हो जाते हैं। लंच फील्ड में ही होता है। रात को घर लौटने के बाद वरष्ठि नेताओं से चर्चा उसके बाद डिनर। डिनर में घर का सादा खाना ही पसंद करते हैं।
दिग्विजय चौटाला को भिवानी लोक सभा क्षेत्र में प्रचार की जिम्मेवारी दी गई है पर बीच-बीच में समय निकाल कर प्रदेश के अन्य हलकों में भी जाते हैं। क्रिकेट के अच्छे खिलाड़ी दिग्विजय का कहना है कि वर्तमान समय में युवा ही राजनीतिक का रुख बदल सकते हैं इसलिए युवाओं को राजनीति में जोड़ने का पूरा प्रयास हो रहा है।
वह कहते हैं कि आराम करना तो हमारे पूर्वजों ने हमें सिखाया ही नहीं। चौधरी देवीलाल की नीतियों पर चल कर मेरे दादा ओमप्रकाश चौटाला ने जो मेहनत की उसी के चलते उन्हें लौह पुरुष कहा जाता है। जन सेवा का पथ हमें विरासत में मिला है और अपनी विरासत को संभालना हमारा दायित्व है।