मिलिट्री लिटरेचर फेस्ट
प्रधानमंत्री इंदिरा ने तुरंत एडमिरल नंदा का प्रस्ताव स्वीकार करते हुए एक्शन लेने को कहा। उधर, पाकिस्तान पंजाब व राजस्थान बॉर्डर पर भारत से युद्ध लड़ रहा था, उसे कतई अंदाजा नहीं था कि भारतीय थल सेना के साथ-साथ जल सेना भी कुछ ऐसा कर जाएगी, जिसका जख्म बहुत गहरा होगा। यही हुआ, एडमिरल नंदा ने कराची बंदरगाह को उड़ाने की योजना तैयार की। उस वक्त भारत ने रूस से मिसाइल नावें ली थी। एडमिरल नंदा चाहते थे कि इन मिसाइल नावों का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ किया जाए।