फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान आंदोलन: कौन है बॉर्डर पर बख्तरबंद पोकलेन मशीनें लाने वाला नवदीप जलबेड़ा... जानें कैसे बना वॉटर कैनन बॉय

Wed, 21 Feb 2024 01:20 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अंबाला के जलबेड़ा गांव निवासी नवदीप पिछले किसान आंदोलन में भी सक्रिय थे। वे वाटर कैनन का मुंह पुलिस की तरफ मोड़कर चर्चा में आए थे। अब वे शंभू बॉर्डर पर सक्रिय हैं और बैरिकेडिंग तोड़ने के लिए रणनीति बना रहे हैं। उनका कहना है कि हमारी तैयारी पूरी है। हम अपना हक मांगने के लिए दिल्ली जाना चाहते हैं।
विज्ञापन
नवदीप जलबेड़ा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पिछले किसान आंदोलन में अंबाला के जलबेड़ा गांव निवासी नवदीप ने वाटर कैनन का मुंह आंदोलनकारियों से पुलिस की तरफ मोड़ सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरी थी। लोगों ने उन्हें वाटर कैनन बॉय के नाम दिया था। अब किसान आंदोलन 2.0 में भी नवदीप सक्रिय हैं। पोकलेन लेकर शंभू बार्डर पहुंचे नवदीप का कहना है कि जत्थेबंदियां का आदेश मिलते ही चंद मिनटों में बैरिकेड को धराशायी कर देंगे।

विज्ञापन


किसानों के दिल्ली कूच को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से की गई बैरिकेडिंग को तोड़ने के लिए रणनीति बनाने व साजों सामान एकत्रित करने में नवदीप सक्रिय दिखे। खास बात यह है कि शंभू सीमा पर जो बख्तर बंद जेसीबी और पोकलेन मशीन लाई गई है, उसमें भी नवदीप का प्रमुख योगदान रहा। वह खुद भी उस ट्रैक्टर पर सवार दिखे जो पोकलेन मशीन को लेकर आ रहा था। इसके साथ ही नवदीप ने पोकलेन मशीन को मोर्चे पर लाते हुए एक वीडियो भी बनाया, जिसमें चंद मिनटों में बैरिकेड को ध्वस्त करने की बात कही।

विज्ञापन

घग्गर नदी से भरवाई रेत की बोरियां
शंभू सीमा पर बख्तरबंद मशीनें लाने से पहले 16, 17 व 18 फरवरी को नवदीप घग्गर नदी के पास देखे गए थे। वह किसानों की मदद से रेत को बोरियों को भरवा रहे थे। इसके बाद बोरियों को ट्रैक्टर ट्रालियों में लोड करवाने के बाद उन्हें एक सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया जा रहा था। इससे पहले भी वह कई बार किसानों की बात आने पर आक्रामक तेवर सरकार को दिखा चुके हैं।

हम अपना हक चाहते हैं, लड़ना पड़ा तो लड़ेंगे
पोकलेन मशीन को लाते हुए नवदीप ने कहा कि अपनी पूरी तैयारी है। लड़ना पड़ा तो लड़ेंगे, मरना पड़ा तो मरेंगे। सरकार बैरिकेड हटाए हम तो दिल्ली जाकर अपना हक मांगना चाहते हैं। पंजाब के आसापास के गांव वालों का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने हमारी मदद की है। हम मशीन ले आए हैं सारा बॉर्डर इकट्ठा कर देंगे। पहले दिन की घटना के बाद हम तैयारी में जुट गए थे ताकि दोबारा पीछे न हटना पड़े।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें