फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुशखबरी: 30-35 हजार सस्ते हो सकते हैं घुटना इम्प्लांट, यहां मिल सकती है राहत

Sat, 01 Apr 2017 09:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
पीजीआई
विज्ञापन

विज्ञापन
अगर आप घुटनों के दर्द से बूरी तरह से प्रभावित हैं, और घुटना इम्प्लांट के लिए डॉक्टर ने कह दिया है। तो ये खबर आपके काम की है, क्योंकि पीजीआई में अब इसके रेट कम करने की तैयारी चल रही है।  पीजीआई में घुटना इम्प्लांट के दाम करीब 30-35 हजार रुपये कम हो सकते हैं। पीजीआई प्रशासन की ओर से प्रोफेसर केएलएन राव के नेतृत्व में गठित कमेटी इम्प्लांट के रेट कम करने पर मंथन शुरू कर दिया है।

पीजीआई में अभी घुटना का इम्प्लांट करीब 90 से एक लाख के बीच में मरीजों को मिलता है। पीजीआई की कमेटी इस रेट को करीब 65 हजार तक लाने की कोशिश में जुटी है। यदि ऐसा होता है तो मरीज को करीब 30 हजार रुपये का फायदा पहुंचेगा। जो घुटना ट्रांसप्लांट एक मरीज को सवा लाख में पड़ रहा था, वही अब 80-90 हजार में पड़ेगा। ये मरीजों के लिए एक बड़ी राहत होगी।
विज्ञापन


रेट तय तो पीजीआई बनेगा माडल
यदि आरथो इम्प्लांट के रेट तय होते हैं तो पीजीआई देश का पहला संस्थान होगा और अन्य अस्पतालों के लिए माडल भी बनेगा। आरथोपीडिक्स इंप्लांट में घुटना, कूल्हा व ट्रामा से संबंधित इंप्लांट शामिल होंगे। कार्डियक स्टेंट की कीमत नियंत्रित करने में भी पीजीआई ने सबसे पहले पहल की थी। पीजीआई में स्टेंट की कीमत भी सबसे कम है। यहां पर 23600 रुपये का स्टेंट मिलता है, जबकि अन्य जगहों पर 30 हजार में।
विज्ञापन

अमृत फार्मेसी ने रखा था 65 हजार, भेजना पड़ा वापस

पीजीआई चंडीगढ़
पीजीआई के नेहरू ब्लॉक में जब अमृत फार्मेसी खुली थी तो उस दौरान दावा किया गया था कि  उसमें घुटना सहित सभी आरथोपीडिक्स इम्प्लांट मिलेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। सूत्रों ने बताया कि अमृत फार्मेसी ने इम्प्लांट रखे थे, लेकिन पीजीआई के आरथोपीडिक्स डिपार्टमेंट की ओर से उन्हें सहयोग नहीं मिला। इसलिए अमृत फार्मेसी को सभी इम्प्लांट वापस भेजना पड़ा। अमृत फार्मेसी की ओर से बताया गया कि उनके शाप्स पर घुटना इम्प्लांट का रेट 65 हजार रुपये रखा था।

ऐसे ठगे जा रहे थे मरीज
अमर उजाला ने अपनी जांच में पाया है कि डिस्ट्रीब्यूटर के पास जब घुटना आता है, तब  उसकी कीमत (48-52 हजार रुपये) होती है। ये विदेशी कंपनियों के रेट हैं। देसी कंपनियों के रेट 35-40 हजार रुपये है। पीजीआई के डाक्टर मरीज को सीधे डिस्ट्रीब्यूटर के पास भेजते हैं। डिस्ट्रीब्यूटर इस इम्प्लांट को 90 हजार से लेकर एक लाख में बेचते हैं। बीच में कोई भी एजेंसी नहीं है, इसके बावजूद इम्प्लांट इतने महंगे रेट पर बिकता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें