अगर आप घुटनों के दर्द से बूरी तरह से प्रभावित हैं, और घुटना इम्प्लांट के लिए डॉक्टर ने कह दिया है। तो ये खबर आपके काम की है, क्योंकि पीजीआई में अब इसके रेट कम करने की तैयारी चल रही है। पीजीआई में घुटना इम्प्लांट के दाम करीब 30-35 हजार रुपये कम हो सकते हैं। पीजीआई प्रशासन की ओर से प्रोफेसर केएलएन राव के नेतृत्व में गठित कमेटी इम्प्लांट के रेट कम करने पर मंथन शुरू कर दिया है।
पीजीआई में अभी घुटना का इम्प्लांट करीब 90 से एक लाख के बीच में मरीजों को मिलता है। पीजीआई की कमेटी इस रेट को करीब 65 हजार तक लाने की कोशिश में जुटी है। यदि ऐसा होता है तो मरीज को करीब 30 हजार रुपये का फायदा पहुंचेगा। जो घुटना ट्रांसप्लांट एक मरीज को सवा लाख में पड़ रहा था, वही अब 80-90 हजार में पड़ेगा। ये मरीजों के लिए एक बड़ी राहत होगी।
रेट तय तो पीजीआई बनेगा माडल
यदि आरथो इम्प्लांट के रेट तय होते हैं तो पीजीआई देश का पहला संस्थान होगा और अन्य अस्पतालों के लिए माडल भी बनेगा। आरथोपीडिक्स इंप्लांट में घुटना, कूल्हा व ट्रामा से संबंधित इंप्लांट शामिल होंगे। कार्डियक स्टेंट की कीमत नियंत्रित करने में भी पीजीआई ने सबसे पहले पहल की थी। पीजीआई में स्टेंट की कीमत भी सबसे कम है। यहां पर 23600 रुपये का स्टेंट मिलता है, जबकि अन्य जगहों पर 30 हजार में।