घुटना इंप्लांट के रेट तय करने की दिशा में पीजीआई ने एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। पीजीआई ने डॉक्टर और आर्थों इंप्लांट डिस्ट्रीब्यूटर की सांठगांठ को खत्म कर अमृत फार्मेसी को सभी कंपनियों के इंप्लांट रखने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अमृत फार्मेसी को एक मई तक का समय दिया गया है। यदि ऐसा होता है तो घुटना इंप्लांट करीब 30-35 हजार रुपये तक सस्ता हो सकता है। अमृत फार्मेसी के पास सिर्फ दो कंपनियों के इंप्लांट थे, लेकिन डॉक्टरों का सहयोग न मिलने के कारण सामान वापस कर दिया गया था।
पीजीआई में पांच कंपनियां मैक्स, स्मिथ एंड नैफ्यू, जिमर, स्ट्राइकर और जॉनसन एंड जॉनसन घुटना इंप्लांट सप्लाई करती हैं। पीजीआई ने सभी सप्लायर्स को निर्देश दिए हैं कि वे अब अमृत के जरिए ही सामान बेचें। मौजूदा समय में एक घुटना ट्रांसप्लांट में करीब एक लाख 20 हजार रुपये का खर्च आता है।
डॉक्टर मरीज को बताते थे किससे खरीदना है स्टेंट :
पीजीआई में यदि किसी मरीज को घुटना ट्रांसप्लांट कराना होता तो डॉक्टर मरीज को सीधे कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर के पास भेजते थे। हर डॉक्टर अपने मन मुताबिक डिस्ट्रीब्यूटर के पास भेजता था। डिस्ट्रीब्यूटर के पास जब घुटना आता है, तब उसकी कीमत 48-52 हजार रुपये होती है।
जब यह मरीज के पास पहुंचता है तो उसकी कीमत 90 हजार से एक लाख रुपये तक पहुंच जाती है। डिस्ट्रीब्यूटर दोगुना मुनाफा कमा रहे थे। बीच में कोई एजेंसी नहीं है, इसके बावजूद इंप्लांट महंगे मिल रहे हैं।
रेट कंट्रोल करने के लिए पीजीआई ने बनाई है कमेटी
चंडीगढ़ का पीजीआई अस्पताल
जब इस बात की जानकारी पीजीआई को मिली तो उसने घुटना इंप्लांट के रेट तय करने के लिए प्रोफेसर केएलएन राव के नेतृत्व में एक कमेटी गठित कर दी। कमेटी ने मीटिंग के दौरान अमृत फार्मेसी के अधिकारियों को सभी कंपनियों के इंप्लांट रखने के निर्देश दिए थे।
अमृत फार्मेसी में घुटना इंप्लांट के अलावा कूल्हा व ट्रॉमा से संबंधित इंप्लांट भी मिलेंगे। वहीं कार्डियक स्टेंट की कीमत नियंत्रित करने में भी पीजीआई ने सबसे पहले पहल की थी। पीजीआई में स्टेंट की कीमत भी सबसे कम है। यहां पर 23,600 रुपये का स्टेंट मिलता है, जबकि अन्य जगहों पर 30 हजार में।
अमृत फार्मेसी से मिलता है सबसे सस्ता स्टेंट :
पूरे देश में सबसे सस्ता स्टेंट अमृत फार्मेसी से मिलता है। इसमें स्टेंट की कीमत करीब 23,600 रुपये है, जबकि देश के अन्य जगहों में इसकी कीमत 30 हजार रुपये तय है। दवाओं पर भी 70-80 प्रतिशत की छूट दी जाती है, जिसका सीधा फायदा मरीजों को मिलता है। अमृत फार्मेसी मोदी सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें दवाएं और स्टेंट सस्ते दामों में बेचे जाते हैं।