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बड़े घोटाले की आशंका, कैप्टन सरकार करेगी 10 साल में दिए वजीफों की होगी जांच

Mon, 17 Apr 2017 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
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पंजाब में बड़े घोटाले की आशंका है, ऐसे में कैप्टन सरकार की नज़र सूबे के सभी जिलों में शिक्षा कार्यालयों पर है।  केंद्र सरकार से 2007 से 2017 तक आई वजीफे की रकम में करोड़ों के घोटाला की आशंका के कारण कैप्टन सरकार ने पंजाब के सभी जिला शिक्षा कार्यालयों से वजीफा पाने वाले विद्यार्थियों की जानकारी तलब कर ली है। कितना वजीफा किन-किन जिलों में कब-कब चंडीगढ़ से भेजा गया और किन-किन विद्यार्थियों को वजीफा दिया गया। 
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इसकी सारी जानकारी जिला शिक्षा कार्यालय से मांगी गई है। पंजाब सरकार के पास शिकायत पहुंची है कि पिछले 10 वर्षों के कार्यकाल में शिक्षा से जुड़े कई घोटाले हुए हैं। मिड डे मिल के नाम पर बंदरबांट हुई। शिकायत में यह भी कहा गया कि खाना बनाने की जिम्मेदारी सियासी नेताओं ने अपने समर्थकों को ही दी। 
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वजीफा के नाम पर बंदरबांट

कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
वजीफा अधिकांश उसे मिला, जिनकी सिफारिश थी। वजीफा के नाम पर बंदरबांट में कई अधिकारी व स्कूल के प्रिंसिपल से लेकर सियासी नेता भी शामिल रहे हैं। वजीफा की कई योजनाएं केंद्र सरकार से चंडीगढ़ पहुंचने के बाद पंजाब में पहुंची ही नहीं। 

कई नेताओं और अधिकारियों तक पहुंच सकती है आंच :
वजीफा किस आधार पर मिला, इसका मूल्यांकन जिला शिक्षा कार्यालय से करके रिपोर्ट पंजाब सरकार को भेजनी है। सूत्रों की माने तो इस घोटालों की आंच पूर्व शिक्षा मंत्रियों, विधायकों और कई अधिकारियों तक पहुंच सकती है। 

कलस्टर इंचार्जों की बैठक बुलाई :
डिप्टी डीईओ राजेश कुमार ने बताया जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में वजीफा डाटा को लेकर कलस्टर इंचार्जों की बैठक बुलाई गई है। इसमें वजीफा डाटा एकत्रित किस तरह से करना है और इसकी रिपोर्ट का प्रारूप क्या होगा, इसके बारे में जानकारी दी जाएगी।
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