रैली को समर्थन देने पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा, लाडवा कांग्रेसी विधायक मेवा सिंह, इंप्रूवमेंट ट्र्स्ट के पूर्व चेयरमैन जलेश शर्मा व संगठन मंत्री सुभाष पाली सहित अन्य किसान नेताओं को पुलिस हिरासत में ले लिया। मौके पर डीसी शरणदीप कौर, एसपी आस्था मोदी व एसडीएम अखिल भी पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाने की कोशिश की लेकिन मांग पर पद अड़े रहे। आखिरकार प्रशासन को किसानों के आगे झुकना पड़ा और रैली करने की इजाजत दी। जाम के बाद दोपहर करीब दो बजे किसानों ने पिपली अनाज मंडी में पहुंचने पर रैली शुरू हुई।
नहीं मानी मांग तो 15 से धरना
मंडी में किसानों को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार ने अन्नदाता पर लाठीचार्ज कर गलत किया है। अब हम सरकार को चार दिन का समय देते है। चार दिन में सरकार तीनों अध्यादेशों को वापस लेने की बात मान लें, अगर सरकार उनकी बात नहीं मानती है तो प्रदेशभर के किसान 15 सितंबर से जिलास्तर पर धरना शुरू करेंगे।
इन अध्यादेश का विरोध कर रहे हैं किसान
पहले कानून के मुताबिक हर व्यापारी केवल मंडी से ही किसान की फसल खरीद सकता था। अब व्यापारी को इस कानून के तहत मंडी के बाहर से फसल खरीदने की छूट मिल जाएगी। अनाज, दालों, खाद्य तेल, प्याज, आलू आदि को जरूरी वस्तु अधिनियम से बाहर करके इसकी स्टॉक सीमा समाप्त कर दी गई है। सरकार कांट्रेक्ट फॉर्मिंग को बढावा देने की बात कह रही है।
एक घंटा एनएच-44 रहा जाम
जीटी जाम खुलवाने पहुंचे पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, मगर वे तभी हटे जब बातचीत में रैली करने की अनुमति मिली। इसके बाद पिपली मंडी के गेट खोले गए और रैली में हजारों किसान, व्यापारी और मजदूर शामिल हुए।
डिप्टी सीएम के होर्डिंग पर मारे पत्थर
पिपली में नए बस अड्डा के पास उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के होर्डिंग लगे हुए है। रैली ने पहुंचे किसानों ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए उनके होर्डिंग पर भी पत्थर बरसाए।