फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्शन: किसान आंदोलन में बने 'किसान एकता मोर्चा' और 'ट्रैक्टर टू ट्विटर' अकाउंट भारत में बैन, मूसेवाला के गीत पर भी हो चुकी कार्रवाई

Mon, 27 Jun 2022 10:41 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

जालंधर से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री परगट सिंह ने केंद्र की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आवाज को फिर से दबाना चाहती है। यह बेहद शर्मनाक है।
विज्ञापन
दोनों अकाउंट पर कार्रवाई। - फोटो : twitter.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के एसवाईएल गाने को यूट्यूब से हटवाने के बाद केंद्र ने सोमवार को किसानों के ट्विटर अकाउंट पर बड़ा फैसला किया है। किसान आंदोलन के दौरान बनाए गए दो ट्विटर अकाउंट को भारत में बैन कर दिया गया है। इन दोनों ट्विटर अकाउंट का किसान नेता किसान आंदोलन के दौरान इस्तेमाल करते थे। इन दोनों ट्विटर अकाउंट के लाखों फॉलोअर हैं। कार्रवाई का पंजाब के पूर्व मंत्री परगट सिंह ने विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र फिर से किसानों की आवाज को दबाना चाहती है।

विज्ञापन


भारतीय कानूनों के तहत ट्विटर ने यह कार्रवाई की है। भारत में किसान एकता मोर्चा और ट्रैक्टर टू ट्विटर अकाउंट पर बैन लगाया गया है। किसान एकता मोर्चा के ट्विटर अकाउंट पर लगभग पांच लाख और ट्रैक्टर टू ट्विटर के 55 हजार फॉलोअर हैं। तीनों कृषि कानूनों के विरोध में शुरू हुए किसान आंदोलन के दौरान इन ट्विटर अकाउंट के जरिये किसानों को संदेश पहुंचाने और किसानों को बदनाम करने वाले लोगों को जवाब दिया जाता था। किसान नेता किसानों को जागरूक करने के लिए भी इन ट्विटर अकाउंट का इस्तेमाल करते थे। जालंधर से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री परगट सिंह ने केंद्र की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आवाज को फिर से दबाना चाहती है। यह बेहद शर्मनाक है।

विदेश से संचालित होते थे अकाउंट
किसान आंदोलन को लेकर बनाए गए दोनों ट्विटर अकाउंट को लेकर खुफिया विभाग ने एक बड़ा खुलासा किया है। विभाग के सूत्रों के अनुसार इन अकाउंट का गलत इस्तेमाल होने की संभावना थी, इसकी बड़ी वजह यह है कि इनका संचालन विदेश में बैठे लोग कर रहे थे। इन्हीं सब कारणों को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें