तलवंडी साबो में कृषि कानूनों के विरोध में रविवार को किसानों ने क्षेत्र में लगे जियो के सात टावरों के कनेक्शन काट दिए। किसान सुखदेव सिंह ने बताया कि अब तक क्षेत्र में लगे करीब 30 टावरों का कनेक्शन काटा जा चुका है। सरकार किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं है। हांड़ कंपाती ठंड में किसान धरने पर हैं लेकिन सरकार नींद से नहीं जाग रही है। अगर कानून इतने ही अच्छे होते तो प्रदर्शन क्यों किया जाता। किसान अपने लिए ही नहीं बल्कि आम लोगों के लिए धरने पर डटे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार अपना अड़ियल रवैया नहीं छोड़ेगी तब तक किसान विरोध जारी रखेंगे।
- जिला - कुल टावरों की काटी गई बिजली
- फिरोजपुर- 04
- फरीदकोट- 21
- लुधियाना- 19
- होशियारपुर- 03
- पठानकोट- 04
- तरनतारन- 04
- बठिंडा- 07
पूर्व पुलिस कर्मियों ने थाली बजा किया मन की बात का विरोध
बठिंडा में पुलिस पेंशनर कार्यालय के सामने रविवार को करीब पचास पूर्व पुलिस कर्मियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात का थाली बजाकर विरोध किया। पुलिस पेंशनर यूनियन के अध्यक्ष पूर्व डीएसपी रणजीत सिंह ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी अपने देश के किसानों की मन की बात नहीं सुन पा रहे तो देश के लोग उनके मन की बात क्यों सुने। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात का विरोध जताने के लिए ही पूर्व पुलिस कर्मियों ने थाली बजाई है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में शामिल होने सोमवार को करीब पचास पूर्व पुलिसकर्मी दिल्ली बॉर्डर जाएंगे।
पटियाला में भी किसानों ने थाली बजाई
पटियाला में भाजपा जिला शहरी प्रधान हरिंदर कोहली के आवास के आगे रविवार को किसानों ने थाली बजाई। शहरी प्रधान के घर का घेराव कर किसान तीन दिन से धरना दे रहे हैं। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने किसानों से बात कर धरना खत्म कराने की अपील की लेकिन किसान अब तक नहीं माने।
किसानों ने कहा कि किसान दिल्ली के बार्डर पर कड़ाके की ठंड में बैठे हैं और केंद्र से लगातार कृषि कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं। अब तक केंद्र ने कोई सुध नहीं ली है। इससे मोदी सरकार का किसान व गरीब विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। किसानों ने साफ किया कि देश के बड़े-बड़े कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए मोदी सरकार यह कृषि कानून लाई है। इन्हें किसी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। भाजपा जिला शहरी प्रधान हरिंदर कोहली का कहना है कि उम्मीद है कि किसानों व केंद्र के बीच कृषि कानूनों को लेकर बातचीत सफल होगी।
मुक्तसर में भी ‘मन की बात’ का विरोध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के दौरान रविवार को बठिंडा रोड पर बच्चों ने थालियां बजाकर केंद्र सरकार का विरोध किया। बच्ची शुभ गुरमनबीर कौर बेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि यह कानून रद्द होने चाहिए ताकि दिल्ली की कड़ाके की सर्दी में ठिठुर रहे किसान अपने-अपने घरों को लौट सकें। उधर, जिले के गांव खोखर व हरिके कलां में भी किसान परिवारों से संबंधित बच्चों ने थाली बजाकर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया।
‘मन की नहीं, जन की बात सुनें मोदी’
संगरूर में भी मन की बात कार्यक्रम का किसान, मजदूर और अन्य संगठनों ने थाली बजाकर विरोध किया। टोल प्लाजा लड्डा में विभिन्न संगठनों ने थाली बजाई। साइंटिफिक अवेयरनेस फोरम के अध्यक्ष डॉ. अमरजीत सिंह मान ने बताया कि एक तरफ कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ पीएम मन की बात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मन की नहीं बल्कि जन की बात सुनें।
जालंधर में रविवार को लोगों ने थाली बजाकर कृषि कानूनों का विरोध किया। मॉडल टाउन में सैकड़ों लोगों ने इकट्ठा होकर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। इसके अलावा शहर के कंपनी बाग चौक पर भी लोगों ने थाली बजाकर विरोध जताया। बच्चे में भी इसमें हिस्सा लेते नजर आए।
महिला रोशनी ने कहा कि जो लोग किसानों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं वो पढ़े लिखे लोग हैं। ये लोग सड़कों पर उतरने को इसलिए मजबूर हुए हैं, क्योंकि इतनी सर्दी में किसान बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री टीवी पर मन की बात के जरिए लोगों को बहला रहे हैं। उनके पास किसानों से मिलने तक का समय नहीं है। किसानों पर इन कानूनों को जबरदस्ती थोपा जा रहा है।
पठानकोट में किसानों ने थाली बजा जताया रोष
पठानकोट-अमृतसर नेशनल हाइवे स्थित लदपालवां टोल प्लाजा पर पिछले तीन महीने से धरना लगाकर बैठे किसानों ने रविवार को थाली और ताली बजाकर रोष व्यक्त किया। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। नेतृत्व कर रहे अमरजीत सिंह नंबरदार ने कहा कि किसान तीन महीने से देशभर में धरने पर बैठे हैं।
केंद्र सरकार लगातार किसानों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कोरोना काल में सभी देशवासियों को ताली और थाली बजाने के लिए कहा था। अब किसानों ने थाली और ताली बजाई हैं, ताकि मोदी सरकार और कृषि कानूनों का प्रभाव खत्म हो सके। आंदोलन में देशभर के 59 किसान अपनी जान गवां चुके हैं और उनमें से 29 पंजाब से हैं।
लुधियाना : किसानों के हक में महिलाओं ने निकाली ट्रैक्टर-कार रैली
कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार किसानों के पक्ष में लोग मैदान में उतर रहे हैं। रविवार को लुधियाना के बाड़ेवाल क्षेत्र में रहने वालीं महिलाओं ने ट्रैक्टर व कार रैली निकालकर किसानों का समर्थन किया। बाड़ेवाल चौक से शुरू होकर यह रैली शहर के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरी। महिलाओं ने आम लोगों से किसानों के पक्ष में आने की अपील की।
वहीं केंद्र सरकार से तुरंत इन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। अरविंदर कौर विर्क ने बताया कि पंजाब का हर वर्ग किसान आंदोलन का समर्थन कर रहा है। इस कारण बाड़ेवाल क्षेत्र की महिलाओं ने भी समर्थन देने के लिए इस रैली का आयोजन किया। आगे भी वह किसान आंदोलन का इसी तरह समर्थन करती रहेंगी।