कुंडली बॉर्डर पर पहुंची महिलाएं।
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कृषि कानून रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों की मंगलवार को सरकार से होने वाली दसवें दौर की बातचीत को स्थगित करके दिया गया है। यह बैठक अब बुधवार को दोपहर दो बजे होगी। हालांकि जिस तरह से कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर के बयान सामने आ रहे हैं, उसको देखते हुए किसानों को लगता है कि इस बातचीत से कोई हल नहीं निकलेगा। उसके बावजूद किसान बातचीत के लिए जरूर जाएंगे और सरकार का जवाब सुनकर वापस आ जाएंगे। वहीं सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सोमवार देर शाम को दिल्ली पुलिस के अधिकारी भी कुंडली बॉर्डर पर पहुंचे और गणतंत्र दिवस परेड को लेकर किसानों को मनाने में जुटे रहे।
किसान संगठनों को मंगलवार को सरकार से बातचीत के लिए जाना था। किसान संगठनों के नेताओं के पास सोमवार देर शाम को कृषि मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल का पत्र पहुंचा। जिसमें किसी कारण से मंगलवार को होने वाली बैठक को बुधवार को कराने की बात कही गई। वहीं किसान नेता डॉ. दर्शपाल, योगेंद्र यादव व बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि बैठक के लिए उनकी आपस में चर्चा हो चुकी है।
किसान अब बुधवार को वार्ता के लिए जाएंगे। कहा कि किसान अपनी तरफ से बातचीत का रास्ता बंद नहीं करेंगे। उनके अनुसार इस बार किसान कुछ सुनने की जगह केंद्र सरकार को बताने के लिए जा रहे हैं। सरकार जितना चाहे आंदोलन को लंबा करा ले लेकिन किसान पीछे हटने वाले नहीं है। किसानों ने तय कर लिया है कि कानून वापसी से कम उन्हें कुछ मंजूर नहीं है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट का किसानों की गणतंत्र दिवस परेड को लेकर फैसला आया कि दिल्ली पुलिस को निर्णय लेना होगा। जिसके बाद सोमवार देर शाम को बार्डर पर किसान संयुक्त मोर्चा के सदस्यों से मिलने दिल्ली पुलिस के अधिकारी भी पहुंचे। इस दौरान किसान नेताओं के साथ 26 जनवरी को होने वाली किसानों की ट्रैक्टर परेड को लेकर चर्चा की गई है। पुलिस ने परेड को लेकर कानून व्यवस्था का हवाला दिया तो किसानों की ओर से भरोसा दिया है कि वह किसी तरह की अशांति या माहौल में गड़बड़ी नहीं चाहते हैं। किसानों ने साफ कर दिया है कि दिल्ली के आउटर बाईपास पर वह मार्च निकालेंगे।
20 को पांचों बार्डरों पर प्रदर्शन करेंगे कर्मचारी
किसान आंदोलन के समर्थन और केंद्र सरकार के रवैए के खिलाफ कर्मचारी 20 जनवरी को पांचों बॉर्डरों पर प्रदर्शन कर आंदोलन के साथ एकजुटता प्रकट करेंगे। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि राज्य कार्यकारिणी के फैसले के अनुसार 20 जनवरी को विभिन्न विभागों के कर्मचारी टीकरी, सिंधु, शाहजहांपुर, ढांसा बार्डर व पलवल में हजारों की तादाद में जुलूस की शक्ल में मार्च करते हुए किसानों के धरनों पर जाएंगे।