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किरण खेर से रूपांतरण सदस्यों ने पूछे 6 सवाल

Sun, 20 Jul 2014 11:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मुझे तरस आता है मर्दों पर जिनके पास श्रृंगार के नाम पर घड़ी, जूते और चश्मे के अलावा कुछ नहीं होता। यह बात एमसीएम कॉलेज-36 के ऑडिटोरियम में अमर उजाला रूपांतरण क्लब की वेलकम पार्टी के दौरान सांसद और अभिनेत्री किरण खेर ने कही।
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वे शनिवार को अमर उजाला रूपांतरण क्लब की नई सदस्याओं की वेलकम पार्टी में चीफ गेस्ट के तौर पर पहुंची थीं। सदस्यों के सवालों के उन्होंने काफी रोचक जवाब दिए।

जिंदादिली और आत्मविश्वास से जीओ

अभिनेत्री ने स्टेज पर आते ही सबसे पहले मेंबर को कहा कि वे जिंदादिली और आत्मविश्वास से जिएं। उन्होंने कहा कि हर किसी की जिंदगी में अनजाना सा अकेलेपन होता है। फिर चाहे वे कोठियों में रहे या बगलों में। फिल्मी हस्तियां भी इससे दो-चार होती हैं।

उन्होंने कहा कि अपनी जिंदगी में एक ऐसा एलिमेंट लेकर आओ, जिससे आपकी जिंदगी खूबसूरत हो जाए। मां, बेटी और पत्नी की भूमिका से निकलकर अपना रूपांतरण करो। यह कभी न सोचे कि अब मेरी उम्र हो गई है। जिंदादिली से जिंदगी जीना हर औरत का अधिकार है।

ये तीन सवाल पूछे रूपांतरण सदस्यों ने

सवाल : एक औरत की जिंदगी में सजने संवरने के क्या पैमाने हैं
उत्तर : औरतें मर्दों के लिए नहीं बल्कि अपनी सहेलियों के लिए संवरती हैं। अगर उनकी तारीफ किसी पुरुष की बजाय महिला करे तो उन्हें ज्यादा खुशी मिलती है। मुझे भी सजना संवरना अच्छा लगता है। जो औरत हिंदुस्तानी होकर सजती नहीं है, उस पर लानत है।

सवाल : स्टार न होतीं तो क्या होतीं
जवाब : स्टार न होती तो आईएएस या आईएफएस अफसर होती। पंजाबी फैमिली में लड़कियों को बचपन से ही इसी तरह पढ़ाया जाता है। पढ़ने के लिए उन्हें ज्यादा फोर्स किया जाता है।

सवाल : किस लम्हे ने आपकी जिंदगी बदली
जवाब : पीयू में इंडियन थियेटर करने और निर्देशक बलवंत गार्गी से मिलने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई। वे बैडमिंटन भूलकर रंगमंच के रंग में रंग गईं। थियेटर के बाद खुद को फिल्मों में जाने से रोक नहीं पाई। इसके बाद 1996 में निर्देशक श्याम बेनेगल की निर्देशित फिल्म ‘सरदारी बेगम’ को करने के बाद वे 1984 के दंगों के दर्द को महसूस करने लगी थीं। यहां तक कि राजनीति के बारे में सोचने और समझने लगी थीं। इसके अलावा जीटीवी पर प्रसारित शो ‘पुरुषक्षेत्र’ के बाद उन्होंने पुरुषों की सोच को करीब से जाना।
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ये अन्य तीन सवाल पूछे गए

सवाल : आपने इन लम्हों में अनुपम खेर से अपनी शादी का जिक्र नहीं किया
जवाब : मेरी जिंदगी पत्नी बनकर बिलकुल नहीं बदली, लेकिन जब बेटे सिकंदर का जन्म हुआ तो एक मां के अहसास ने उनको पूरी तरह से बदल दिया।

सवालः अगर आप बॉलीवुड स्टार न होती, तो क्या रूपांतरण की सदस्य बनना पसंद करतीं
जवाबः बॉलीवुड की खूबसूरत अदाकारा और सांसद किरण खेर ने कहा कि स्टार न होती तो खुशी से रूपांतरण क्लब की सदस्य बनती।

सवालः तो क्या अब आप बॉलीवुड स्टार होते हुए हमारी सदस्य बनेंगी
जवाबः किरण खेर ने कहा, जरूर। मैं तो यहीं से सांसद हूं। तो आटोमेटिक रूपांतरण की सदस्य हो गई। यह एक खूबसूरत महिलाओं का क्लब है। सवाल जवाब का यह रोचक दौर कोई टीवी का चैट शो नहीं बल्कि अमर उजाला रूपांतरण क्लब की वेलकम पार्टी के दौरान देखने को मिला।
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