खुशप्रीत की हत्या के मामले में अदालत के सामने अभियोजन पक्ष ने आरोपियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी।
अभियोजन पक्ष के वकील ने बताया कि पड़ोसी सुखेदव और गुरमिंदर ने खुशप्रीत का अपहरण कर चार लाख की फिरौती लेकर हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि नौकर नंदकिशोर भी साजिश में शामिल था।
वही फिरौती की रकम लेकर आया था। गवाहों के बयानों को अभियोजन पक्ष ने अवगत करवाया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च को तय की है। अगली सुनवाई में बचाव पक्ष अपना पक्ष रखेगा।
क्या है मामला
बुडै़ल निवासी पांच वर्षीय खुशप्रीत का अपहरण घर के पास से 21 दिसंबर को हुआ था। अपहरण के बाद उसके चाचा के मोबाइल फोन पर दस लाख रुपये की फिरौती की कॉल आई थी।
खुशप्रीत के परिजनों ने बच्चे को बचाने के लिए अपहरणकर्ताओं को चार लाख फिरौती दे दी थी, लेकिन पांच जनवरी 2011 को अपहरणकर्ताओं ने खुशप्रीत की हत्या कर शव मोहाली में फेंक दिया था।
डीएसपी विजय कुमार ने हत्या के मामले में खुलासा करते हुए खुशप्रीत के पड़ोसी सुखदेव और गुरमिंदर को दबोचा था।
बाद में पुलिस ने मामले में शामिल उनके नौकर नंद किशोर को पकड़ा था। 07 अगस्त 2011 को अदालत ने सुखदेव, गुरमिंदर और नंद किशोर के खिलाफ आरोप तय किए थे।