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चंडीगढ़: खाकी के दामन पर दाग ही दाग... एक साल में 16 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

Mon, 27 Jul 2020 10:01 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर।
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सिटी ब्यूटीफुल की स्मार्ट पुलिस का दामन भी पाक-साफ नहीं है। रिश्वतखोरी समेत कई अन्य मामलों में यूटी पुलिस कटघरे में हैं। आंकड़ों की बात करें तो जनवरी 2020 से अब तक चंडीगढ़ पुलिस के 16 कर्मचारियों पर विभाग और सीबीआई की गाज गिर चुकी है। इन पुलिसकर्मियों में कई ऐसे हैं, जो वर्दी की धाक जमाकर रिश्वत लेने के मामले में फंसे हैं। इनमें इंस्पेक्टर से लेकर कांस्टेबल रैंक तक पुलिसकर्मी शामिल हैं। इनकी वजह से पुलिस विभाग ने इन्हें या तो सस्पेंड कर रखा है या फिर नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। हालांकि इनमें कुछ ऐसे पुलिसकर्मी ऐसे भी हैं, जो अपनी गलतियों की वजह से सस्पेंड किए गए हैं।

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2019 में 37 पुलिसकर्मियों पर गिरी थी गाज
वर्ष 2019 में करीब 37 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी थी। इनमें से ज्यादातर मामलों में रिश्वतखोरी के केस थे जबकि बाकी के मामलों में ड्यूटी में लापरवाही, पब्लिक डीलिंग, ट्रैफिक पुलिसकर्मी के रिश्वत लेने, खुले में शराब पीना समेत अन्य मामलों में इन्हें सस्पेंड और बर्खास्त किया गया था।

अभी भी कई मामलों में जांच पेंडिंग
आला अधिकारियों अनुसार, कई मामलों में शिकायत के बाद आरोप लगने वाले पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच खोल कर इन्हें लाइन हाजिर कर दिया जाता है। जांच पूरी होने के बाद अगर वह केस में संलिप्त पाए जाते हैं तो विभाग उनको सस्पेंड या फिर बर्खास्त कर देता है। बताया गया कि अभी भी कई मामलों में जांच पेंडिंग है।

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इस साल 16 में से 9 पुलिसकर्मी रिश्वतखोरी में फंसे

बता दें कि इस साल कुल 16 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड और बर्खास्त किया गया है। इनमें मनीमाजरा थाने की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर समेत नौ पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जिन पर रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं।

इस साल सस्पेंड और बर्खास्त हुए पुलिसकर्मी
  • जुलाई में 500 रुपये की रिश्वत लेने के केस में दो ट्रैफिक पुलिसकर्मी बर्खास्त
  •  जुलाई में एक हजार की रिश्वत लेने में तीन ट्रैफिक पुलिस कर्मी सस्पेंड
  • जुलाई में पीसीआर के डीएसपी के घर में घुसने पर कांस्टेबल सस्पेंड
  • जून में 14 हजार रिश्वत के मामले में मलोया थाने में तैनात तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड
  • जून में पांच लाख की रिश्वतखोरी में फंसी इंस्पेक्टर जसविंदर कौर सस्पेंड
  • जून में पुलिस मुख्यालय के बाहर सत्याग्रह पर बैठने पर हेड कांस्टेबल सस्पेंड
  • जून में गोली चलने पर सेक्टर-3 थाने में तैनात एएसआई सस्पेंड
  • अप्रैल में कोरोना काल के दौरान विभाग को गुमराह कर शहर के बाहर जाने पर दो पुलिसकर्मी सस्पेंड
  • मार्च में युवती को होटल में बुलाने पर एएसआई सस्पेंड
  • मार्च में गोली चलने के मामले में सिक्योरिटी विंग में तैनात पुलिसकर्मी सस्पेंड
आए दिन पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया जाता है कि वह इस तरह के काम करने से बचें। अगर रिश्वत के मामले में कोई पुलिसकर्मी पकड़ा जाता है तो विभाग उस पर कड़ी कार्रवाई करता है। -चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी
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