बता दें कि इस साल कुल 16 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड और बर्खास्त किया गया है। इनमें मनीमाजरा थाने की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर समेत नौ पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जिन पर रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं।
इस साल सस्पेंड और बर्खास्त हुए पुलिसकर्मी
- जुलाई में 500 रुपये की रिश्वत लेने के केस में दो ट्रैफिक पुलिसकर्मी बर्खास्त
- जुलाई में एक हजार की रिश्वत लेने में तीन ट्रैफिक पुलिस कर्मी सस्पेंड
- जुलाई में पीसीआर के डीएसपी के घर में घुसने पर कांस्टेबल सस्पेंड
- जून में 14 हजार रिश्वत के मामले में मलोया थाने में तैनात तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड
- जून में पांच लाख की रिश्वतखोरी में फंसी इंस्पेक्टर जसविंदर कौर सस्पेंड
- जून में पुलिस मुख्यालय के बाहर सत्याग्रह पर बैठने पर हेड कांस्टेबल सस्पेंड
- जून में गोली चलने पर सेक्टर-3 थाने में तैनात एएसआई सस्पेंड
- अप्रैल में कोरोना काल के दौरान विभाग को गुमराह कर शहर के बाहर जाने पर दो पुलिसकर्मी सस्पेंड
- मार्च में युवती को होटल में बुलाने पर एएसआई सस्पेंड
- मार्च में गोली चलने के मामले में सिक्योरिटी विंग में तैनात पुलिसकर्मी सस्पेंड
आए दिन पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया जाता है कि वह इस तरह के काम करने से बचें। अगर रिश्वत के मामले में कोई पुलिसकर्मी पकड़ा जाता है तो विभाग उस पर कड़ी कार्रवाई करता है। -चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी