आम आदमी पार्टी में बगावत का झंडा बुलंद करने वाले सुखपाल खैरा का गणित किसी की भी समझ नहीं आ रहा है। खैरा समेत उनके गुट के पास कुल आठ विधायक हैं, वे क्या कर सकेंगे। अलग पार्टी बनाने के लिए खैरा गुट को 14 विधायक चाहिए। लेकिन बुधवार रात तक उनके गुट के विधायकों की संख्या आठ ही रही। खैरा ने भावुक अपीलें की थीं। जिनके चलते विधायकों पर उनके हलके के वॉलंटियर्स का काफी दबाव था। साथ ही एनआरआई ने भी काफी दबाव डाला।
विधायकों पर सबसे ज्यादा दबाव सोशल मीडिया के जरिए बनाया गया। खासतौर पर मालवा के वॉलंटियर्स पूरी तरह खैरा के समर्थन में आ गए हैं। वहां का कोई नेता अगर पार्टी के पक्ष में कोई पोस्ट डाल देता है तो उसे जबरदस्त निंदा झेलनी पड़ रही है। अब कोई भी नेता पार्टी के हक में पोस्ट डालने से भी गुरेज कर रहा है। लेकिन इतने दबाव के बावजूद बाकी विधायक पार्टी नेतृत्व के साथ ही जुड़े रहे।
वे दिल्ली पहुंच चुके हैं, इसलिए कन्वेंशन में उनके शामिल होने के आसार न के बराबर हैं। खैरा गुट 14 के जादुई आंकड़े से बहुत दूर है, यह खैरा को भी पता है। ऐसे में उन्होंने कोई तो कैलकुलेशन किया होगा। क्योंकि पार्टी उनकी कन्वेंशन को पार्टी विरोधी घोषित कर चुकी है। ऐसे में कन्वेंशन के बाद उनका पार्टी में रहना आसान नहीं होगा। अलग पार्टी की घोषणा करते हैं तो सभी विधायकों को इस्तीफा देना होगा। खैरा गुट कन्वेंशन के दौरान ही अपने पत्ते खोलेगा। दूसरी पार्टियों की नजरें भी कन्वेंशन और इसके बाद खैरा क्या एलान करते हैं, इस पर लगी हैं।
बिलासपुर के घर पहुंचे खैरा
सुखपाल खैरा गुट किसी भी तरह बाकी विधायकों को अपने साथ लाने की कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में सुखपाल खैरा और बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स बुधवार को दूसरे गुट के विधायक मनजीत सिंह बिलासपुर के घर पहुंच गए। निहाल सिंह वाला से विधायक बिलासपुर भी हैरान रह गए। मीत हेयर केघर भी काफी वॉलंटियर्स पहुंचे।
खैरा के पक्ष में आए घुग्गी
आप के पूर्व सूबा कन्वीनर गुरप्रीत घुग्गी आज सुखपाल खैरा के हक में आ गए। उन्होंने एक विडियो पोस्ट कर कहा कि पंजाब के लिए बड़ी लड़ाई लड़ी थी। पर जिनके साथ मिल कर लड़ी, उनके मंसूबे पंजाब के लिए पाकीजा नहीं थे। आज खैरा पंजाब के हितों की बात कर रहा है तो पार्टी को यह भी बर्दाश्त नहीं। बठिंडा में दो को कन्वेंशन रखी है, मैं नहीं आ सकता। पर जो भी पंजाब के हितैषी हैं, उसमें जरूर पहुंचें।
आप ने दिखाया एनआरआई का समर्थन
आम आदमी पार्टी ने भी प्रेस बयान जारी कर दिखाया कि एनआरआई पार्टी के साथ है। आप ने बड़ी संख्या में ओवरसीज इकाइयों के पदाधिकारियों के नाम जारी किए, जोकि पार्टी के साथ है। गौरतलब है कि इससे पहले सुखपाल खैरा के हक में कई पदाधिकारियों ने बयान जारी किया था।