दो हाईप्रोफाइल केसों के संबंध में पटियाला रेंज के आईजी एएस राय ने अहम खुलासे किए हैं। पहले हाईप्रोफाइल केस में आईजी एएस राय ने कहा कि जिस मुस्लिम लड़की ने मलेर कोटला के दिग्गज अकाली नेता पर शादी का झांसा देकर उसका शारीरक शोषण करने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में पीड़ित लड़की की शिकायत पर जांच आईपीएस अधिकारी कंवरदीप कौर से कराई गई।
जांच में सामने आया है कि मुस्लिम लड़की और मलेरकोटला के मुस्लिम अकाली नेता में आपसी सहमति से शारीरक संबंध बनाते रहे हैं। जो कुछ हुआ दोनों की सहमति से हुआ। इस विवादित बयान पर जब आईजी से पूछा गया कि मलेरकोटला का यह मुस्लिम अकाली नेता लड़की को शादी का झांसा देकर उसका शारीरक शोषण करता रहा है तो जवाब में आईजी ने कहा कि बालिग व पढ़ी लिखी लड़की को झांसा नहीं दिया जा सकता। उसे अपने अधिकारों का बखूबी पता होता है।
इस तरह शारीरिक संबंधों में दोनों की सहमति थी। लड़की को उससे अपना कोई लालच था। वहीं संपर्क करने पर मुस्लिम लड़की ने कहा की मलेरकोटला का मुस्लिम अकाली नेता जो अब तक कहता रहा है कि वह लड़की को जानता तक नहीं, जबकि पुलिस की रिपोर्ट कहती है कि उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने कहा कि आरोपी ने पहली बार उसके साथ जबरन दुराचार किया।
इसके बाद उसने उसे झांसा दिया कि वह उससे शादी करेगा। इसलिए वह किसी को इस घिनौनी हरकत के संबंध में न बताए। उसने मजबूरी में उस पर यकीन कर लिया और वह उससे शादी का झांसा देकर लगातार आठ साल उसका शारीरक शोषण करता रहा और फिर मुकर गया है। उसने आरोप लगाया कि अकाली नेता ने पुलिस अधिकारियों को खरीद लिया है। इसलिए पुलिस अफसर भी उसके साथ हो गए हैं।
पीड़ित लड़की ने कहा कि यह मुस्लिम अकाली नेता लोगों के सामने अपने आप को डेरा सिरसा के डेरामुखी राम रहीम की तरह धर्मात्मा के तौर पर पेश करता है, जबकि उसकी काली करतूतों का भी राम रहीम बाबा की तरह सच सामने आ गया है। पीड़िता ने कहा कि वह अब कोर्ट जाएगी और आईजी सहित सभी पुलिस अफसरों की करतूतों की पोल खोलेगी। हालांकि विवादित रिपोर्ट डीजीपी को भेजी गई है, अव वह ही फैसला करेंगे कि आरोपी पर केस दर्ज हो या नहीं। बता दें कि साढे़ तीन महीने का समय हो गया है और पुलिस ने अभी तक केस दर्ज नहीं किया है। साफ जाहिर है कि पुलिस अकाली नेता के साथ है।
इसलिए गलत है आईजी का बयान और रिपोर्ट
बरनाला के फौजदारी केसों के सीनियर वकील कुलवंत राय गोयल से जब इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि पुलिस के किसी भी अधिकारी को रिपोर्ट बनाकर यह सिद्ध करने का अधिकार नहीं है कि वह किसी लड़की के साथ हुई शारीरिक शोषण को जबरन या सहमति से होने की बात घोषित करे।
इसका अधिकार तो सिर्फ हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के पास है। उन्होंने कहा कि शादी का झांसा देकर किसी लड़की से रिलेशन बनाना और बाद में शादी न करना, सीधे तौर पर रेप में आता है। कानून के अनुसार शादी का झांसा देकर लगातार शारीरक संबंध बनाने के आरोप में अकाली नेता पर बिना देर किए रेप का केस दर्ज होना चाहिए।
जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
वहीं मुस्लिम धर्म के विशेषज्ञ मोहम्मद असलम ने कहा कि अगर कोई मुस्लिम नेता जो अपने आप को धर्मगुरु बताता है, वह अपनी बीबी के अलावा किसी अन्य से शारीरक संबंध बनाता है तो उसको गुनाहे-कबीर गिना जाता है। ऐस में हमारे धर्म में मौत की सजा का प्रावधान है।