बहुचर्चित केरल नन रेप केस में मुख्य आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक जांच में उनका ब्लड प्रेशर हाई पाया गया है। छह घंटे के चेकअप के बाद बिशप को अस्पताल से छुट्टी दी गई। शनिवार को बिशप फ्रैंको को तकरीबन सवा एक बजे कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया।
अदालत में बचाव पक्ष और प्रोसिक्यूशन के वकील के बीच बहस हुई। बिशप के वकीलों ने अदालत से यह दलील देकर राहत की मांग की थी कि जांच टीम ने तीन दिन की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मामले की जांच आगे बढ़ाने के लिए तीन दिन की रिमांड मिलना जरूरी है।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने बिशप को सोमवार दोपहर ढाई बजे तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात को सीने में दर्द की शिकायत के बाद बिशप को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के हृदय रोग विभाग में उन्हें 6 घंटों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया था। सूत्रों के मुताबिक उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया था।
जिक्रयोग है कि कोट्टयम पुलिस को दी अपनी शिकायत में नन ने आरोप लगाया था कि बिशप ने मई 2014 में एक गेस्ट हाउस में उनसे रेप किया था। इसके बाद कई बार उनका यौन शोषण किया गया। नन का कहना था कि चर्च प्रशासन को बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई, इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में केरल पुलिस जालंधर में आकर भी जांच कर चुकी है।
ये है मामला
Bishop Franco Mulakkal
जुलाई 2018 में केरल में एक नन ने कैथोलिक चर्च के बिशप के खिलाफ दुराचार का केस दर्ज करवाया। नन का आरोप है कि बिशप ने 13 बार उसका यौन शोषण किया। आरोपी बिशन जालंधर स्थित डायोसीस कैथोलिक चर्च में कार्यरत है।
कोट्टायम जिला पुलिस प्रमुख को दी गई अपनी शिकायत में नन ने आरोप लगाया कि रोमन कैथलिक चर्च के जालंधर धर्मप्रदेश के बिशप ने चार साल पहले पास के एक कस्बे में कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया। बिशप फ्रैंको मुक्कल शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप के काफी निकट माने जाते हैं।
44 वर्षीय नन का आरोप है कि साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ शिकायत की गई तो चर्च ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसे पुलिस की मदद लेनी पड़ी। नन ने कहा है कि 2014 में जिले के कुरावलंगड़ क्षेत्र में एक अनाथालय के नजदीक एक गेस्ट हाउस में पहली बार उसका यौन शोषण किया गया।
पीड़ित नन पंजाब में डायोसीस कैथोलिक चर्च के तहत चलने वाले एक संस्थान में काम करती थी। इस संस्थान के मुखिया बिशप फ्रैंको मुलक्कल (54) ही हैं। नन से जुड़े करीबी सूत्रों के मुताबिक, उसने केरल के तत्कालीन चर्च प्रमुख कार्डिनल मार जॉर्ज अलेनचेरी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन चर्च की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए जाने पर उसे पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
वहीं, बिशप मुलक्कल ने भी कोट्टयम पुलिस में नन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि वह नन का तबादला दूसरे संस्थान में कर रहे थे, लेकिन उसने यह आदेश मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की, तो नन बदला लेने के मकसद से उन्हें झूठे आरोपों में फंसा रही है।