सभी को साथ लाने की जरूरत हैः आरिफ मोहम्मद खान
आरिफ मोहम्मद खान ने अपने भाषण की शुरुआत माइनॉरिटी शब्द से की। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन का यह पहला मौका है, जब वह किसी ऐसे कार्यक्रम में शामिल हुए हैं, जिसमें माइनॉरिटी शब्द का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि जब वह कांग्रेस में थे, तब माइनॉरिटी सेल की बैठक में भी जाने से मना कर देते थे। उन्होंने अपने जीवन की कई कहानियों का जिक्र करते हुए बताया कि संविधान ने सभी को बराबरी का अधिकार दिया है, इसलिए किसी को माइनॉरिटी कहना सही नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि अगर कोई खुद को माइनॉरिटी समझता है तो इसमें कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों को कहा कि शब्द का चयन बहुत महत्वपूर्ण है। हिंदू-मुसलमान करने वाले नेताओं और मीडिया संस्थानों को भी उन्होंने नसीहत दी और ऐसा नहीं करने का आग्रह किया। कहा कि सभी को साथ लाने की जरूरत है, अलग करने की जरूरत नहीं है।
अगले 25 वर्ष देश के लिए बहुत महत्वपूर्णः डॉ. लोकेश मुनि
कार्यक्रम में जैन धर्म गुरु डॉ. लोकेश मुनि भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगले 25 वर्ष देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सभी के लिए पहले राष्ट्र, उसके बाद जाति, दल आदि होने चाहिए। उन्होंने समान नागरिक संहिता के फायदे बताए और जल्द लागू करने की मांग की। कहा कि जब देश एक है, संविधान एक है, झंडा एक तो अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए।
उन्होंने आबादी के विस्फोट के बारे में भी विस्तार से बातचीत की और कहा कि ज्यादा आबादी होने की वजह से देश में लोक कल्याणकारी योजनाएं ऊंट के मुंह में जीरा के समान हो जाती हैं, इसलिए जनसंख्या नियंत्रण के लिए भी कुछ करना चाहिए। इसके अलावा अन्य धर्मगुरुओं ने एकता का नारा दिया और सभी को एक साथ चलने का आह्वान किया।