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Haryana: किसानों की आय व बिजली बिल फार्मूले की समीक्षा करेगी सरकार, पीपीपी का मुददा उठा तो CM ने संभाला मोर्चा

Wed, 22 Feb 2023 01:24 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मनोहर लाल ने किसानों की आय सीमा के अलावा नौ हजार रुपये सालाना बिजली बिल के फार्मूले में संशोधन करने के भी संकेत दिए। कुलदीप वत्स ने आरोप लगाया कि आय प्रमाणीकरण में गड़बड़ी की जा रही है। जिनकी सालाना आय 50 हजार रुपये है, उसे पंद्रह लाख दिखाया है।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में परिवार पहचान पत्र को लेकर खुद सामने आ गए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को वे स्वयं और उनके प्रधान सचिव वी उमाशंकर देख रहे हैं। इसमें दिक्कतें आएंगी लेकिन उन दिक्कतों को सरकार दूर करेगी। कोई भी विधायक इस मामले में उन्हें सीधे शिकायत कर सकता है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि किसानों की आय और बिजली बिल के मुददों पर सरकार समीक्षा कर सकती है।

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प्रश्नकाल के दौरान बादली के विधायक कुलदीप वत्स ने यह मुद्दा उठाया। आमतौर पर मुख्यमंत्री से जुड़े सवालों के जवाब संसदीय कार्य मंत्री ही देते हैं लेकिन मंगलवार को मुख्यमंत्री ने खुद मोर्चा संभाला। बादली विधायक कुलदीप वत्स के पीपीपी से जुड़े सवाल पर जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि पीपीपी से जुड़ी जितनी भी शिकायतें हैं वे उन्हें दे, प्रत्येक पर कार्रवाई होगी। अगर किसी ने जान-बूझकर गलती की है तो भी कार्रवाई होगी लेकिन गलत लोगों को गरीबों की योजनाओं का लाभ नहीं लेने दिया जाएगा।

मनोहर लाल ने किसानों की आय सीमा के अलावा नौ हजार रुपये सालाना बिजली बिल के फार्मूले में संशोधन करने के भी संकेत दिए। कुलदीप वत्स ने आरोप लगाया कि आय प्रमाणीकरण में गड़बड़ी की जा रही है। जिनकी सालाना आय 50 हजार रुपये है, उसे पंद्रह लाख दिखाया है। एनआईटी फरीदाबाद से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने कहा कि चार साल की उम्र के बच्चों की भी आय पीपीपी में दर्शाई है। वत्स ने आरोप लगाया कि अधिकारी पैसे लेकर फील्ड में काम कर रहे हैं।

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सीएम ने कहा कि पीपीपी में 72 लाख से अधिक परिवार यानी एक करोड़ 87 लाख से अधिक लोगों का डाटा सरकार ने एकत्रित किया है। लोगों की आय प्रमाणित करने के लिए स्थानीय स्तर पर समितियां बनाई हुई हैं। पीपीपी का फायदा यह हुआ कि 9 लाख 60 हजार से अधिक ऐसे परिवार सामने आए, जो गलत तरीके से बीपीएल सुविधाओं का लाभ ले रहे थे। परिवार पहचान-पत्र लागू होने के बाद 12 लाख 46 हजार से अधिक नये परिवारों को बीपीएल कैटेगरी में भी शामिल किया है।

सीएम ने बताया कि 1 लाख 32 हजार ऐसे परिवार मिले हैं, जो आयरक रिटर्न भर रहे हैं, ऐसे में उनका नाम कटा है। 3 लाख 44 हजार परिवारों की सालाना आय 1 लाख 80 हजार से अधिक मिली है। 1 लाख 95 हजार ऐसे लोग हैं, जो प्राइवेट सेक्टर में नौकरी कर रहे हैं। 41 हजार 479 लोगों के नाम बीपीएल से इसलिए काटे गए हैं क्योंकि वे सरकारी या कांट्रेक्ट कर्मचारी थे। जिन किसानों की सालाना सेल 4 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें भी बीपीएल से बाहर किया है। 2119 सरकारी पेंशनर थे, जो बीपीएल कैटेगरी में थे। इसी तरह से उन परिवारों के नाम काटे हैं, जिनकी सालाना बिजली बिल 9 हजार रुपये से अधिक है।

सीएम ने कहा कि बीपीएल कैटेगरी से नाम कटने के बाद सरकार के पास 3 लाख 41 हजार शिकायतें आई हैं। इनमें से 1 लाख 70 हजार शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। एक लाख 64 हजार के लगभग शिकायतों पर कार्रवाई चल रही है। इसके लिए सर्वे करवाया जा रहा है।

कुंडू ने उठाया किसानों का मुद्दा
महम विधायक बलराज कुंडू ने चार लाख रुपये तक की फसल सेल करने वाले किसानों की आय 1 लाख 80 हजार से अधिक आंकने पर सवाल उठाए। उनकी बात पर सीएम ने कहा कि सरकार इसमें बदलाव कर सकती है। इस पर विचार चल रहा है। नौ हजार रुपये बिल वाले लोगों को भी बीपीएल से बाहर करने पर भी विपक्ष ने सवाल उठाए। सीएम ने कहा कि एक शिकायत आई कि एक आदमी कपड़े प्रेस करने का काम करता है। उसने शिकायत दी है कि मैं वैसे तो बीपीएल हूं चूंकि मेरा काम प्रेस का है इसलिए मेरा बिजली बिल अधिक आता है। उन्होंने माना कि ऐसे में उसका बिल तो अधिक आएगा ही। साथ ही यह भी कहा ऐसे मामलों में सरकार संशोधन करने पर विचार कर रही है।
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