इस वर्ष का करवाचौथ कृतिका नक्षत्र में और वृष राशि में हो रहा है। करवाचौथ 11 अक्तूबर को है। इस दिन सुबह 10 बजकर 18 मिनट से चतुर्थी तिथि का शुभारंभ हो रहा है जो 12 अक्तूबर दिन रविवार को सुबह नौ बजकर 33 मिनट तक रहेगा। इसलिए करवाचौथ शनिवार को ही मनाया जाएगा।
शनिवार को करवाचौथ की रात आठ बजकर 20 मिनट पर चंद्रोदय होगा। यह कहना है देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष और सेक्टर-18 के श्रीराधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे का।
करवाचौथ हर तरह से शुभ होगा
भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का कहना है कि इस वर्ष की विशेषता है कि शनिवार का दिन है। कृतिका नक्षत्र है। कृतिका का स्वामी ग्रहों का राजा सूर्य है। सिद्ध योग है। मिश्र के अनुसार सिद्ध योग के कारण यह पर्व कुमारी कन्याओं के मनोवांछित फल देनेवाला है।
सेक्टर-30 स्थित शिव शक्ति मंदिर के प्रमुख पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री का कहना है कि प्रदोष काल में शिव परिवार की पूजन के बाद चंद्रोदय होने पर चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान कर भोजन ग्रहण करना चाहिए।
बीरेंद्र नारायण मिश्र के अनुसार विवाहित स्त्रियां इस दिन अपने पति की दीर्घायु की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं। यह व्रत कार्तिक मास में चंद्रोदय व्यापिनी में किया जाता है।
उन्होंने बताया कि चंद्रमा शीतलता, प्यार, शांति और प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चंद्रमा के साथ शिव पार्वती, गणेश और कार्तिक की पूजा होती है। शिव पार्वती का पूजन इसलिए किया जाता है कि जिस प्रकार हिमालय की पुत्री पार्वती ने घोर तपस्या करके भगवान शंकर को प्राप्त करके अखंड सौभाग्य को प्राप्त किया वैसा ही मिले।