इक ओंकार.. सबका मालिक एक, सब एक ही मालिक के बंदे.. का फलसफा देने वाले गुरु श्री गुरुनानक देव जी के दर्शन के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोलने के रखे कार्यक्रम व स्टेज पर जमकर राजनीति हुई। तमाम राजनेता गुरु महाराज के दिए फलसफे व संदेश को भूल गए। राजनीति की शुरुआत की नींव रविवार को ही रख दी गई थी। जब हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने निमंत्रण पत्र जारी किए। केंद्र सरकार के विभाग एनएचआईए (नेशनल हाईवे अथॉरिटी) ने कार्ड में वाइस प्रेसिडेंट वेंकैया नायडू, कैप्टन अमरिंदर सिंह, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय राज्यमंत्री विजय सांपला के अलावा पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल का नाम भी लिख दिया।
रविवार को ही इसकी खटास शुरू हो गई, मंत्री तृप्त रजिंदर बाजवा ने सवाल खड़ा किया कि सुखबीर बादल व प्रकाश सिंह बादल का नाम कार्ड पर क्यों छापा, उनके पास क्या सरकारी ओहदा है? सुलग रही आग सोमवार को उस समय भड़क गई, जब जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा जायजा लेने के लिए पंडाल में पहुंचे और उद्घाटन पत्थर पर सुखबीर व प्रकाश सिंह बादल का नाम देखकर अधिकारियों की क्लास लगाई कि इनके नाम क्यों लिखे गए? अगर प्रकाश सिंह बादल पूर्व सीएम हैं तो बीबी राजिंदर कौर भट्ठल का नाम भी लिखा जाना चाहिए वह भी पंजाब की पूर्व सीएम हैं।
रंधावा ने आईएएस अधिकारी गुरकीरत किरपाल सिंह को खरी खरी सुनाई कि उनका नाम पत्थर पर आया कैसे? इसके बाद जेल मंत्री रंधावा ने काले रंग की टेप अपने नाम, सांसद सुनील जाखड़ व कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम पर लगा दी और अधिकारियों को कहा कि आप इसे राजनीतिक स्टेज बना दो। इसके बाद पीपीसीसी प्रधान सुनील जाखड़ व कई मंत्री और कांग्रेस के विधायक पंडाल में पहुंचे और सभी जमीन पर रोष स्वरूप बैठ गए। उनका कहना था कि आईएएस अधिकारी अकाली दल के हाथों में खेल रहे हैं और पत्थर पर अकाली दल सुप्रीमो सुखबीर बादल का नाम लिख दिया गया है, जो प्रोटोकॉल के अलावा संविधान के खिलाफ है।
मंत्री बैठे स्टेज के नीचे, हरसिमरत और बादल के खिलाफ नारेबाजी
खैर, कैप्टन अमरिंदर सिंह अतिथियों के साथ उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लेकर स्टेज पर पहुंचे और कार्यक्रम शुरू कराया। कैप्टन के सिक्योरिटी एडवाइजर खूबी राम ने कान में आकर बताया कि सर सुनील जाखड़ तो नीचे जमीन पर बैठे हैं। जिसके बाद कैप्टन सीट से उठे और जाखड़ को नीचे से स्टेज पर लेकर आए।
स्टेज पर स्वागती भाषण देने के बाद जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने स्टेज पर अपनी कुर्सी पर बैठने के स्थान पर विधायकों व मंत्रियों के साथ जमीन पर बैठना मुनासिब समझा। उनको कई बार स्टेज पर बुलाया गया, लेकिन रंधावा स्टेज पर उस समय आए जब केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल भाषण दे रही थी।
हरसिमरत कौर ने जैसे ही भाषण शुरू किया तो संत समाज उठ गया और बॉयकाट कर दिया, आवाजें आने लगी कि बेअदबी के जिम्मेदार को स्टेज पर क्यों बुलाया गया? पंडाल में बैठे लोग भी बीबी हरसिमरत कौर व बादल के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
1984 दंगा पीड़ितों के मामले में अब बड़े मगरमच्छ भी नहीं बख्शे जाएंगे
हरसिमरत कौर ने भी अपने भाषण में तीर छोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि सिख नस्ल को खत्म करने की साजिश रची गई। 70 वर्षों में 1984 दंगा पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिला और अब मोदी सरकार ने एसआईटी बनाकर फांसी की सजा सुनाई। बड़े मगरमच्छ बख्शे नहीं जाएंगे, उनको भी फांसी दिलाई जाएगी। 70 वर्षों में हमारे गुरुद्वारों को गिराया गया, हमले किए गए।
अब किसी को बख्शा नहीं जाएगा। हरसिमरत कौर ने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस पर जमकर हमले किये। हरसिमरत कौर के भाषण को सुनकर सुखजिंदर रंधावा सीधा स्टेज पर आ गए और अपना रोष वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी व कैप्टन के सामने जताया और कहा कि यह राजनीतिक स्टेज नहीं है। नितिन गडकरी ने सुक्खी रंधावा को शांत कर अपने पास बैठा लिया। रंधावा को स्टेज पर ही जाखड़ दिलासा देते नजर आए।
धर्म का दुरुपयोग करने वाले ब्यास दरिया व हरिके पत्तन में तैरते नजर आएंगे
कार्यक्रम के अंत में जब सबके धन्यवाद के लिए सुनील जाखड़ को माइक दिया गया तो उन्होंने हरसिमरत कौर के तीरों को रोककर उलटा सिक्सर मारकर मैच जीत लिया। जाखड़ ने कहा कि कैप्टन सरकार ने भी एसआईटी बनाई है, जिन लोगों ने 10 साल पंजाब की जवानी को नशे में धकेला और धर्म का दुरुपयोग किया, वह लोग जल्द ही ब्यास दरिया व हरिके पत्तन में तैरते नजर आएंगे।
जाखड़ के इस तीखे भाषण के बाद पंडाल में बोले सो निहाल .. जैकारे शुरू हो गए। संगत खड़ी होकर जैकारे लगाने लगी और हरसिमरत कौर जाखड़ को हाथ से इशारा करती दिखी कि यह क्या बोल रहे हो ? संगत ने जाखड़ का पूरा साथ दिया और हरसिमरत कौर व मजीठिया के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी शुरू हो गई।