मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का फौजी खून उस समय खौल उठा जब वह करतारपुर साहिब कॉरिडोर के नींव पत्थर समारोह में भाषण देने के लिए स्टेज पर आए। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का धन्यवाद किया और पाक के आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा पर करारा हमला बोला।
कैप्टन ने कहा कि मैं भारतीय फौज में 10 वर्ष कमर जावेद बाजवा से सीनियर हूं। 1963 में मैने कमीशन लिया था और मैं तो परवेज मुशर्रफ से भी एक साल सीनियर हूं, वह 1964 में पाक आर्मी में आया था। फौजी को यह कौन सिखाता है कि निर्दोष व मासूमों की हत्या करो, जवानों को गोली मार दो। बार्डर पर हमारे जवान मारे जा रहे हैं।
पठानकोट एयरबेस, दीनानगर में घुसकर हमला करवा दो। अब निरंकारी सत्संग पर ग्रेनेड फेंके गए, यह बाजवा को कौन सिखा रहा है ? सत्संग करने वाले मासूमों का क्या कसूर था। शर्म आनी चाहिए बाजवा को, यह बुजदिली है। 19 लोग घायल हुए, इनमें एक छह साल का बच्चा भी था। मैं सिख धर्म का हूं, लेकिन पंजाब के प्रति मेरा फर्ज भी है, इसलिए मैं 28 नवंबर को पाकिस्तान नहीं जा रहा हूं।