बैठक में भारत सरकार द्वारा पिछली बैठक में रखे गए एक प्रस्ताव, जिसमें श्री करतारपुर साहिब में एक भारतीय कॉन्सुलेट स्थापित करने की मांग की गई थी, पर भी चर्चा की जाएगी। भारत सरकार का कहना है कि श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को यदि वहां कोई समस्या आती है तो वे भारतीय कॉन्सुलेट से संपर्क स्थापित कर सकें।
इस बैठक में दोनों देशों द्वारा यात्री टर्मिनल में लगाए जाने वाले झंडों की ऊंचाई के साथ-साथ सुबह व शाम को दोनों देशों के सीमा रक्षक दलों के बीच एक बैठक करने पर भी विचार होगा। इस बैठक में धुस्सी बांध के साथ बहने वाले रावी नदी पर पुल के निर्माण का मुद्दा भी भारतीय अधिकारी उठाएंगे।
जानकारी के अनुसार दोनों देशों के बीच अटारी-वाघा सीमा पर आने-जाने के जो नियम लागू हैं, उन्हीं नियमों को इस पहले वीजा फ्री रास्ते में लागू किए जाने की संभावना है। नवंबर के पहले सप्ताह में खुलने वाले इस कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए संभावित गणमान्यों के नामों पर भी चर्चा होगी।
पाकिस्तान ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि इमरान खान इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। वहीं भारत की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में पहुंचेंगे या रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यह अभी तय नहीं है।