पठानकोट एयरबेस में वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ
- फोटो : अमर उजाला
धनोआ ने कहा कि अपग्रेडेड राडार सिस्टम, डाटा शेयरिंग कैपेबिलिटी समेत विभिन्न ऑपरेशंस में अहम भूमिका निभाने वाला यह अपाचे युद्ध क्षेत्र में दुश्मन के एयर डिफेंस को बिखेरने की क्षमता भी रखता है। उन्होंने कहा कि बोइंग कंपनी ने इसके निर्माण के दौरान इंडियन एयरफोर्स के बताए मानकों को पूरी तरह ध्यान में रखा है।
धनोआ ने कहा कि वैसे तो इंडियन एयरफोर्स 1954 से हेलीकॉप्टर उड़ा रही है। चीता, चेतक हो या फिर एमआई-35 आईवी इन सभी अटैक हेलीकॉप्टरों ने विभिन्न युद्ध क्षेत्रों में कई मिशन फतह किए हैं।
धनोआ ने कहा कि एमआई-35 को हम पिछले 3 दशकों से उड़ा रहे हैं और यूएस के कई पीस कीपिंग ऑपरेशंस में भी एमआई-35 ने कई जोखिम भरे अभियानों को सफल बनाया है। अब अपाचे की एंट्री के बाद एयरफोर्स और मजबूत हुई है।
उनके अनुसार यूएस, यूके, इजराइल समेत कई देशों ने भी अपाचे का लोहा माना है। अंत में धनोआ ने कहा कि मैं पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन को अपाचे की 125 ग्लेडिएटर स्क्वाड्रन मिलने से बहुत खुश हूं और साथियों को सर्वदा ‘हैप्पी लैंडिंग’ की शुभकामनाएं देता हूं, जय हिन्द।