इस संबंध में लौंगोवाल ने कहा डीजीपी एक जिम्मेदार अधिकारी हैं। इस प्रकार की गैर जिम्मेदाराना बयान उनकी सिख विरोधी मानसिकता को प्रकट करता है। संगत की 70 वर्ष की अरदास के बाद यह कॉरिडोर खुला है। दोनों देशों की भाईचारक सांझ इस कॉरिडोर के खुलने से मजबूत होगी। दोनों देशों के कॉरिडोर के निर्माण के फैसले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा हुई है। कुछ दिन पहले ही संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने भी गुरुद्वारा स्री करतारपुर साहिब के दर्शन कर इस कॉरिडोर को विश्व शांति का स्रोत कहा है।
जब कॉरिडोर के निर्माण की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा हो रही ही तो एक उच्च अधिकारी इसकी निंदा क्यों कर रहा है, यह प्रश्न पैदा करता है। डीजीपी के इस बयान से सिख भावनाओं को ठेस पहुंची है। दिनकर ने यह बयान प्रदेश सरकार के प्रभाव में ही दिया है। डीजीपी के इस बयान से प्रदेश की कांग्रेस सरकार भी घेरे में है।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले भी इस प्रकार के बयान दे चुके हैं। डीजीपी व सीएम के सुर इस मुद्दे पर एक हैं। अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब में माथा टेक चुके हैं, ऐसा कोई भी मामला सामने नहीं आया जिसकी आशंका दिनकर गुप्ता जता रहे हैं।