वह न तो लंगर का सामान लाने से रोकते हैं और न ही पाकिस्तान से खरीदे सामान को भारत ले जाने से। श्रद्धालुओं का कहना था कि सरकार बेशक पाकिस्तान से खरीदा सामान देश में लाने पर रोक लगा दे लेकिन लंगर की रसद गुरुद्वारा साहिब में ले जाने पर रोक न लगाए। रसद गुरु के लंगर के लिए है।
रसद पर पाबंदी दुर्भाग्यपूर्ण: एसजीपीसी
एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि संगत अपनी श्रद्धा के अनुसार गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के लंगर के लिए रसद लेकर जाती है। यह श्रद्धा है। इसके अलावा लंगर के लिए इस रसद की जरूरत भी है। इस पर पाबंदी लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस बारे में एसजीपीसी भारत सरकार से बातचीत करेगी।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने वहां की संगत पर गुरुपर्व के अवसर पर गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए रोक लगाई है। ऐसा नहीं होना चाहिए। गुरुद्वारे के दरवाजे सभी के लिए खुले रहने चाहिए। एसजीपीसी गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के प्रबंधों को सुचारु रूप से चलाने के लिए हर संभव मदद देने के लिए भी तैयार है।