22 अक्तूबर 2023 को उन्हें उनके परिवार को खत्म करने के लिए एक गुमनाम धमकी भरा फोन भी आया। शिकायतकर्ता ने 06 नवंबर, 2023 को अतिरिक्त सेशन जज सीनियर डिवीजन सुप्रीत कौर की अदालत में सुखपाल खैरा के खिलाफ एक क्रिमिनल शिकायत भी दायर की थी। इस मामले में एसएचओ को मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया।
जलालाबाद मामले में खैरा के जेल से बाहर आने से पहले ही थाना सुभानपुर की पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने नाभा जेल पहुंच गई, जहां से उन्हें शाम करीब चार बजे अतिरिक्त सेशन जज सीनियर डिवीजन सुप्रीत कौर की अदालत में पेश किया गया। जहां करीब सवा घंटे दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद देर शाम को अदालत ने सुखपाल सिंह खैरा को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
खैरा के वकील ने कहा- झूठे केस में फंसाया
विधायक सुखपाल सिंह खैरा के वकील सुखमन सिंह बल ने मीडिया से कहा कि खैरा को झूठे केस में फंसाया है। सरकार अपनी पावर दिखाकर खैरा को जेल में ही बंद रखने पर उतारू है। जलालाबाद वाले नशा तस्करी के केस की तरह ही यह मामला भी झूठा है। यह पूरी तरह से राजनीतिक बदलाखोरी है, क्योंकि सुखपाल खैरा पंजाब के मुद्दों को उठाने के साथ-साथ सरकार की नाकामियों को उजागर करते हैं इसलिए सरकार किसी भी ढंग से इनको रोकने में लगी है। अदालत ने मामले की जांच का आदेश दिया था। इसमें कहीं भी गिरफ्तारी का निर्देश नहीं था।