पांच सौ और हजार के नोट बंद होने के बाद शुक्रवार को अचानक अफवाहों के बाजार में नमक की थैलियां खूब बिकीं। हालात ये रहे कि जिन्हें नमक के पैकेट मिले उन्होंने अगले एक साल का कोटा जमा कर लिया। वहीं 10 रुपये के नकली सिक्के की चर्चा भी खूब रही।
जानकारी के अनुसार जैसे ही कालका बाजार में नमक की कमी की खबर फैली लोग बाजारों में नमक लेने के लिए दौड़ पड़े। दुकानदारों ने भी इस अफवाह का जमकर फायदा उठाया। साथ ही बाजार में 10 रुपये के नकली सिक्के की चर्चा के कारण दुकानदारों ने ग्राहकों से 10 रुपये का सिक्का नहीं लिया। आम लोग भी ऑटो व बस आदि में बकाया के लिए 10 का सिक्का लेने से बचते नजर आए। इस बारे में जब एसडीएम आशुतोष राजन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बाजार में न तो नमक की कमी है तथा न ही 10 का नकली सिक्का चलन में पाया गया है।
उन्होंने कहा यह मात्र अफवाह है। इस प्रकार की अफवाहों से निपटने के लिए प्रशासन मुस्तैद है। उन्होंने स्वयं बाजार में जाकर 10 रुपये के सिक्के की जांच की है तथा कहीं भी नकली सिक्का नहीं पाया गया। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कहीं 10 का नकली सिक्का मिलने पर उन्हें या अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें। साथ ही इस प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें व खुद भी सोशल मीडिया पर अफवाहों को शेयर न करें। उन्होंने कहा कि अगर कोई इस प्रकार की अफवाह के प्रचार प्रसार में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।