कालका के कालीमाता मंदिर के पास स्थित सोमनाथ जगदीश वर्मा ज्वेलरी शॉप में सो रहे उनके बेटे शुभांशु की हत्या करने के बाद करीब 40 लाख रुपये की ज्वेलरी लूटने वाले दोनों आरोपियों को पंचकूला पुलिस ने अंबाला से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की पहचान इकबाल अहमद और मोहम्मद आबिद निवासी नई दिल्ली के रूप में हुई है। दोनों आरोपियो को पंचकूला पुलिस की सीआईए-1 और सीआईए-2 की टीम ने ट्रैप लगाकर गिरफ्तार किया। पुलिस ने शुक्रवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर सात दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस को दोनों आरोपियों से कई बड़ी वारदातों के खुलासे की संभावना है।
पुलिस के अनुसार इन आरोपियों ने कबूला है कि उन्होंने 4 व 5 जुलाई की देररात करीब एक बजे शुभांशु के सिर में 11 बार रॉड से हमला किया। इन आरोपियों को सीआईए-1 और सीआईए 2 की अलग-अलग टीमों ने अंबाला कैंट से धर दबोचा। पुलिस को अब तक इनके कब्जे से लूट का सामान बरामद नहीं हुआ। लूट के सामान की तलाश में पुलिस इन दोनों आरोपियों की निशानदेही पर कई जगहों पर छापामारी कर रही है।
नई दिल्ली के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पंचकूला डीसीपी अनिल धवन ने कहा कि आरोपियों की पहचान नंदनगरी दिल्ली के रहने वाले इकबाल अहमद (30) तथा अकबरी मस्जिद पुराना मुस्तफाबाद के रहने वाले मोहम्मद आबिद (50) के रूप में की गई है। इन दोनों को वीरवार देर रात अंबाला कैंट से गिरफ्तार किया गया। ज्वेलरी शॉप में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई तस्वीर इकबाल की थी और आबिद ने शुभांशु के सिर पर वार किए थे।
ड्राइवर की निशानदेही से गिरफ्तार हुए आरोपी
सीआईए-2 के इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने दो दिन पहले दिल्ली से गिरफ्तार किए गए गिरोह के तीसरे आरोपी इनोवा के ड्राइवर जगदीश की निशानदेही पर अंबाला कैंट में ट्रैप लगाकर इन दोनों ही आरोपियों को धर दबोचा। आरोपी एक अन्य वारदात करने के लिए दिल्ली से अंबाला आए थे।
सीसीटीवी से हुआ था खुलासा
शुभांशु हत्याकांड के बाद जब पुलिस ने कालका में दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे चैक किए तो उसमें एक सफेद रंग की इनोवा गाड़ी वारदात स्थल के इर्द-गिर्द नजर आई। दिल्ली नंबर की इस इनोवा के बारे में छानबीन करने के लिए दिल्ली एक टीम रवाना की गई थी। वहां गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर से सामने आया कि इनोवा 4 बार बिक चुकी थी और इन दिनों जगदीश इसका मालिक है। पुलिस जगदीश तक एक फाइनेंसर के जरिए पहुंची। फाइनेंसर ने ही इस गाड़ी को जगदीश को बेचा था। पुलिस ने फाइनेंसर की निशानदेही पर सुंदरपुरी इलाके में जांच करते हुए बुधवार सुबह पुलिस जगदीश को काबू कर पाई।
लूट के आरोपियों ने ज्वेलरी नहीं हुई बरामद
अनिल धवन ने बताया कि आरोपियों को गिर तार किए जाने पर फिलहाल उनसे लूटे गए जेवर बरामद नहीं हुए हैं। गौरतलब है कि हत्यारोपी दुकान से करीब 14 किलो चांदी व 600 ग्राम सोने के जेवर लूट कर फरार हुए थे। उन्होंने बताया कि वारदात की रात आबिद ने ही सेफ की चैस्ट गैस कटर से काटी थी और उसमें रखे जेवर चोरी किए थे जबकि इस दौरान आरोपी इकबाल शुभांशु का गला दबाए हुए था।
मोहम्मद आबिद है मास्टर माइंड
पंचकूला पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खुलासे के अनुसार आबिद ही गिरोह का मास्टर माइंड है। जांच में ये भी सामने आया कि उन पर दिल्ली, लुधियाना, करनाल समेत कई अन्य जगहों पर लूटपाट और अन्य मामले दर्ज हैं।
दो और तीन जुलाई को आए थे कालका
पुलिस के अनुसार आरोपियों से खुलासे में पता चला है कि जगदीश और दोनो आरोपी दो और तीन जुलाई की देररात दिल्ली से कालका आए पर बारिश ज्यादा होने के कारण लौट गए। वह दुकान की रेकी कर चुके थे। पुलिस उपायुक्त ने इस बात से इंकार किया कि इकबाल और आबादि को कालका इलाके में किसी ने पहले भी देखा था। वारदात के बाद जिस ऑटो में सवार होकर वे वहां से फरार हुए थे उस आटो के ड्राइवर ने अधेड़ उम्र के आबिद की पहचान कर ली थी।
कालका में कोई वकील नही लड़ेगा मर्डर आरोपियों का केस
कालका। हत्या और लूट केस में कालका बार एसोसिएशन ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जाहिर करते हुए फैसला लिया है कि आरोपियों का केस कोई वकील नहीं लड़ेगा। यह जानकारी बार एसोसिएशन के प्रधान अजय चौधरी ने दी। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन का कोई भी सदस्य गत लूट और हत्या के मामले में गिरफ्तार हुए आरोपियो की पैरवी नहीं करेगा। उन्होंने इस मामले में पंचकूला जिला बार एसोसिएशन से भी अनुरोध किया कि वह भी आरोपियों की पैरवी न करें। एडवोकेट देवव्रत, रवि काजल व दीपक वर्मा ने बताया कि यदि आरोपी दूसरी जगह से वकील लाते हैं तो उसे भी समझाया जाएगा।