फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़: साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में जल्द सुनवाई के आसार नहीं, जस्टिस सांगवान ने खुद को केस से किया अलग

Thu, 21 Apr 2022 08:24 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

जस्टिस अरविंद सांगवान के समक्ष जब अर्जी सुनवाई के लिए पहुंची तो उन्होंने खुद को इस केस से अलग कर लिया। अब उन्होंने इस केस के लिए नई बेंच निर्धारित करने के लिए इसे मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया है।
विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले का ट्रायल जल्द शुरू होने की उम्मीद एक बार फिर टूट गई है। सीबीआई ने ट्रायल जल्द से जल्द शुरू करने की मांग को लेकर जो अर्जी दाखिल की थी उसे सुनने से जज ने इनकार कर दिया है। अब मुख्य न्यायाधीश इस पर सुनवाई के लिए नई बेंच गठित करेंगे। सीबीआई ने अर्जी में बताया कि उसने 2019 में हाईकोर्ट में याचिका दायर केस डायरी को सभी आरोपियों को सौंपने के पंचकूला ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। 

विज्ञापन


हाईकोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर राम रहीम व अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया था कि इस याचिका पर फिलहाल सुनवाई न करे। अब सीबीआई ने अर्जी दायर कर बताया है कि हाईकोर्ट में याचिका लंबित रहते अब तक केस में सुनवाई नहीं हो सकी है। ऐसे में इस केस के जल्द निपटारे के लिए जल्द से जल्द सुनवाई का आदेश दिया जाए। जस्टिस अरविंद सांगवान के समक्ष जब अर्जी सुनवाई के लिए पहुंची तो उन्होंने खुद को इस केस से अलग कर लिया। अब उन्होंने इस केस के लिए नई बेंच निर्धारित करने के लिए इसे मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया है।

गिरफ्तारी की आशंका के चलते राम रहीम पहुंचा हाईकोर्ट
गुरुवार को फरीदकोट की अदालत में प्रोडक्शन वारंट को लेकर सुनवाई तय थी, ऐसे में किसी भी विपरीत आदेश से बचने के लिए राम रहीम ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। राम रहीम ने कहा कि पूर्व में भी उसके खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी करते हुए उसे फरीदकोट लाने की अनुमति दे दी गई थी। तब हाईकोर्ट ने ही उस मामले में याची से सुनरिया जेल में ही पूछताछ का आदेश दिया था। याची ने कहा कि एसआईटी पूरा प्रयास कर रही है कि वह याची को गिरफ्तार कर फरीदकोट ला सके। हाईकोर्ट से अपील की गई कि किसी भी स्थिति में उसे फरीदकोट लाने की अनुमति एसआईटी को न दी जाए। गुरुवार को जब जानकारी मिली कि केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राम रहीम से पूछताछ की अनुमति निचली अदालत से मिली है तो हाईकोर्ट ने बिना किसी अंतरिम आदेश के पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें