पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने फरीदकोट जिले में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटना की न्यायिक जांच के लिए आयोग का गठन कर दिया है।
वीरवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस जोरा सिंह की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग के गठन का एलान करते हुए मुख्यमंत्री ने शांतिपूर्ण पंजाब बंद के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री के राष्ट्रीय मामलों व मीडिया एडवाइजर हरचरण सिंह बैंस ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आयोग घटना के परिपेक्ष्य में कारणों और परिस्थितियों का पता लगाएगा। इसके साथ जमीनी स्तर तक जाकर नतीजे देगा। उन्होंने बताया कि आयोग फरीदकोट जिले में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले की जांच और कोटकपूरा में 14 अक्तूबर को फायरिंग की वारदात के साथ गांव बहबल में फायरिंग में दो लोगों की मौत के मामलों की भी जांच भी करेगा।
इस बीच, मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शांति बनाए रखने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा है कि किसी को भी राज्य में सौहार्दपूर्ण बिगाड़ने की अनुमति दी जाएगी और न ही प्रदेश के विकास और समृद्धि की प्रक्रिया को रुकने दिया जाएगा।
बादल ने कहा कि हमारे महान गुरुओं, संतों, ऋषियों और नबियों ने प्रचार के रूप में लोगों को हर कीमत पर शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटना में शामिल सभी अपराधियों को उनके किए की अनुकरणीय सजा दिलाने की भी कसम खाई।
उन्होंने दोहराया कि सरकार ने इस मामले में दो डीआईजी को सदस्य बनाते हुए एडीजीपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया है।