हरियाणा में बढ़े हुए बिजली बिलों से राहत की उम्मीद लगाए उपभोक्ताओं को खट्टर सरकार ने लंबे मंथन के बाद मामूली राहत दी है। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली दरों का स्लैब तय करने के लिए पूर्व की टेलिस्कोपिक प्रणाली को फिर से लागू कर दिया है।
इससे उपभोक्ताओं को दो माह के बिल में अधिकतम 150 रुपये तक की राहत मिल सकती है। इसके अलावा आयोग ने 501 से 800 यूनिट का एक नया स्लैब बना दिया है, जिससे अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी कुछ राहत मिलेगी।
बीते सप्ताह बिजली बिलों में बढ़ोतरी के खिलाफ जन सुनवाई के बाद विनियामक आयोग ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। वीरवार को आयोग ने अपने फैसले में बिजली की दरों में कोई बदलाव नहीं किया। न ही प्रति यूनिट बिजली के बिल में जुड़ने वाले एफएसए व अन्य प्रभारों में कोई रियायत दी है।
ये हैं पांच स्लैब: बिजली बिल तैयार करने के लिए अपनाई गई नवीनतम प्रणाली को रद्द करते हुए आयोग ने पुरानी प्रणाली के तहत पांच स्लैब बना दिए हैं। इसके तहत 0-50 यूनिट तक बिजली के दाम 2.70 रुपये प्रति यूनिट, 51-100 यूनिट तक 4.50 रुपये, 101-250 यूनिट तक 5 रुपये, 251-500 यूनिट तक 6.05 रुपये और 501-800 तक 6.75 रुपये प्रति यूनिट लगेगा।
नई प्रणाली के तहत उपभोक्ताओं पर प्रत्येक स्लैब में मात्र एक यूनिट बढ़ जाने पर ही अगले स्लैब का पूरा लोड आ जाता था। नए स्लैब के तहत 0-51 और 100 यूनिट तक बीपीएल परिवारों को अब 115 रुपये ही देने होंगे, जो पहले 120 रुपये से अधिक हो रहे थे।
विनियामक आयोग ने हाल ही में उपभोक्ताओं को आए बिजली के बिलों को बारे में भी साफ कर दिया है कि यह बिल उपभोक्ताओं को भरने होंगे, इनमें कोई रियायत नहीं दी जा सकती।