पंजाब सरकार की इस अर्जी पर 18 मार्च को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को 25 मार्च के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। 25 मार्च को याचिकाकर्ता ने जवाब के लिए समय मांगा तो सुनवाई 29 मार्च तक स्थगित कर दी गई।
29 मार्च को सरकार की अर्जी पर सुनवाई ही नहीं हुई। सरकार की मांग पर सुनवाई 1 अप्रैल तक स्थगित कर दी गई, लेकिन बाद में पता चला कि सुनवाई 2 जुलाई तक स्थगित कर दी गई।
इसके बाद सरकार ने दोबारा कोर्ट से आग्रह किया तो सुनवाई 23 अप्रैल तक स्थगित कर दी गई। मंगलवार को पंजाब सरकार ने इसी मामले में दोबारा अर्जी दायर कर मामले की शीघ्र सुनवाई की मांग की। इस पर बेंच और पंजाब की एडिशनल एडवोकेट जनरल रमिजा हाकिम में काफी बहस हुई। इसके बाद आखिरकार जस्टिस रामेंद्र जैन ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग करते हुए यह केस अन्य बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस को भेज दिया।