नारनौंद से जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के विधायक रामकुमार गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री जी लोगों के काम करो, आपका नाम होगा। नहीं तो झाड़ू वाले का ख्याल रखना, बहुत खतरनाक हैं। अरविंद केजरीवाल को हल्के में ना लेना। जैसे ही गौतम ने यह बात कही तो पूरे सदन में हंसी छूट गई। सदन में गौतम ने पंचकूला के सेक्टरों में एंहासमेंट के मामले को उठाते हुए यह बात कही।
गौतम ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सिवानी का है और हिसार में पढ़ा है। पहले उसने दिल्ली पर राज किया, अब अपने पड़ोसी राज्य पंजाब में फतह की है। अगला टारगेट उसका हरियाणा है, इसलिए लोगों के काम करो। एक हरियाणवी कहावत के माध्यम से उन्होंने केजरीवाल की मजबूती भी बताई। गौतम ने मांग की है कि लोगों के 25-25 लाख रुपये की एंहासमेंट निकाली हुई है, वो कैसे देंगे। इसका समाधान करो और उनको कंपलीशन दो।
मृत्यु होने पर बंद हुई 2.42 लाख बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन
हरियाणा सरकार ने सवा तीन साल में 2,77,676 बुजुर्गों की पेंशन बंद होने को लेकर तस्वीर साफ की है। 2,41,183 बुजुर्गों की पेंशन मृत्यु होने पर बंद की गई, जबकि बीते 3 साल में 4 लाख 60 हजार से अधिक बुजुर्गों को पेंशन से जोड़ा गया है। प्रतिमाह औसतन 12000 बुजुर्गों को सरकार ने लाभान्वित किया है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को बजट सत्र के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज में अंतिम पायदान पर खड़े अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे, यह सरकार की प्राथमकिता है। इसी कड़ी में सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार बुजुर्गों को पेंशन देती है।
वर्ष 2004 में 9.95 लाख लाभार्थियों को 300 रुपये बुढ़ापा पेंशन मिलती थी, जिस पर 358 करोड़ रुपये का वार्षिक खर्च था। 2014 में 13.47 लाख बुजुर्गों को 1000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से बुढ़ापा पेंशन मिलती थी, जिस पर 1617 करोड़ रुपये खर्च होते थे। आज 17.45 लाख बुजुर्गों को 2500 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है, जिसमें 5234 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो 7 साल में पेंशन पर होने वाले खर्च को सरकार ने करीब साढे़ तीन गुना कर दिया है।
वर्ष 2019 में 171026, 2020 में 129016, 2021 में 132758 और वर्ष 2022 में अब तक 27398 बुजुर्गों को बुढ़ापा पेंशन शुरू हुई है। सरकार ने वृद्धावस्था सम्मान भत्ते को परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ दिया है। यह भत्ता पाने के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। व्यक्ति की आयु 60 वर्ष होने पर वृद्धावस्था पेंशन खुद ब खुद लग जाएगी। प्रदेश में हर हकदार को पेंशन अवश्य मिलेगी।