अधिकारियों-कर्मचारियों को 15 दिनों का नोटिस दिया
मनोहर लाल ने कहा कि 13 जून 2020 को गुरुग्राम से रजिस्ट्री में गड़बड़ी की कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थी और सरकार ने स्वयं संज्ञान लेकर इस पर कार्रवाई करने के लिए 13 अगस्त 2020 को वित्त आयुक्त, मंडलायुक्त और उपायुक्तों को पत्र लिखे और संबंधित तहसीलों में रजिस्ट्री में 7- ए के उल्लंघन की जानकारी सरकार के साथ साझा करने के निर्देश दिया। सरकार के पास लगभग 60,000 रजिस्ट्रियों का आंकड़ा सामने आया है। इन रजिस्ट्रियों से संबंधित तहसीलदार, सब-तहसीलदार, पटवारी, क्लर्क इत्यादि से 15 दिनों के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा गया। इनको देखने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
सीएम बोले- विपक्ष ने नहीं, हमने पकड़वाया है तहसीलदार
विपक्ष पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने हमें किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार मामले की न तो जानकारी दी और न ही कोई सबूत। जहां तक करनाल के तहसीलदार की बात है तो उसे आपने नहीं, हमने पकड़वाया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी प्रकार के मामले में कोई भी कार्रवाई की है तो वह मनोहर लाल ने की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छह साल अवधि की जांच की घोषणा कुछ लोगों को शायद बर्दाश्त ना हो तो वह न्यायालय का रास्ता भी अपना सकते हैं, परंतु सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी इस मुहिम से किसी भी कीमत में पीछे नहीं हटेगी।
अवैध कालोनियों पर लगाई जाएगी रोक
मुख्यमंत्री ने कहा कि रजिस्ट्री में हो रही गड़बड़ी के मद्देनजर यह पाया कि दो कनाल यानी 1000 स्क्वायर मीटर जमीन का इस्तेमाल ही अवैध कॉलोनियों के लिए होता है। रजिस्ट्री में गड़बड़ी करने के लिए नियम के तहत इस्तेमाल होने वाले कृषि योग्य भूमि और वेकेंट लैंड शब्दों का दुरुपयोग किया गया। इसी पर नकेल कसने के लिए हमने यह निर्णय लिया कि 2 कनाल भूमि की सीमा 1 एकड़ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी कोई अवैध कॉलोनियों को विकसित करने के लिए छोटी भूमि को खरीदता और बेचता है, उस पर रोक लगाई जाएगी।