फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मूसेवाला हत्याकांड: जेनी के गाने से गरमाई पंजाब की सियासत, लेटर टू सीएम गीत से उठाए सवाल तो यूट्यूब ने हटाया

Sun, 09 Oct 2022 08:36 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई हक और इंसाफ की बात करता है तो सरकार उसकी आवाज को दबा देती है। जेनी जोहल का क्या कसूर है, जिसने सीएम को संबोधित करते गीत गया, जिसमें सिद्धू मूसेवाला के लिए इंसाफ की मांग की गई है।
विज्ञापन
दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला। - फोटो : इंस्टाग्राम: sidhu_moosewala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सिद्धू मूसेवाला के बहुचर्चित हत्याकांड को लेकर रिलीज हुए एक गीत ने पंजाब की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। मामले में इंसाफ की मांग करते पंजाबी गायिका जेनी जोहल के इस गीत को कुछ ही घंटों में यूट्यूब पर लाखों लोगों ने देख लिया है। उधर, इस गीत को यूट्यूब पर कॉपीराइट बैकग्राउंड के आधार पर ब्लॉक कर दिया गया है। हालांकि कई अन्य चैनलों पर यह गीत उपलब्ध है। 

विज्ञापन


अब विपक्ष अपनी आवाज बुलंद करते हुए जेनी के समर्थन में खड़ा हो गया है। ‘लेटर टू सीएम’ शीर्षक से जारी इस गीत में जेनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधे पूछा है कि सिद्धू की हत्या को चार महीने बीत चुके हैं, बताओ इंसाफ कहां है। जेनी के इस नए गीत के बोल हैं- साडे घर उजड़ गए, तुहाडे घर गूंजण शहनाइयां। गीत के वीडियो संयोजन में मुख्यमंत्री के शादी समारोह की तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया गया है, जिसको लेकर गायिका की आलोचना भी हो रही है। वहीं, सिद्धू मूसेवाला के फैन इस गीत को शेयर कर रहे हैं। यह गीत जेनी ने खुद लिखा है और इसका म्यूजिक प्रिंस सग्गू ने दिया है।

पंजाबी गायिका ने गीत के बोल में मूसेवाला की सुरक्षा घटाए जाने की खबर मीडिया में लीक होने का मुद्दा भी उठाया है। यह गाना यूट्यूब पर शनिवार को ही रिलीज हुआ और शुरुआती 11 घंटों में इसे 97,000 से ज्यादा लोगों ने देखा, जिसकी संख्या अब एक लाख से पार हो गई है। चार मिनट 14 सेकेंड के इस गीत को 25,000 लोगों ने लाइक किया और लगभग चार हजार से ज्यादा कमेंट्स भी आए। गाने में एक जगह जेनी कहती हैं, मुख्यमंत्री वोट के लालच में गुजरात में गरबा करते हुए घूम रहे हैं और इधर, पंजाब में सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता अपने बेटे की याद में पल-पल मर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

गीत के माध्यम से की सरकार की आलोचना
जेनी जोहल के गीत में पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की रिकॉर्ड तोड़ जीत का जिक्र भी किया गया है। जैनी कहती हैं कि बदलाव की मंशा के साथ 92 विधायक जिताए लेकिन लोगों के सपने मिट्टी में मिल गए हैं। सिर्फ चेहरे बदले हैं, राज वही है। जेनी के इस गाने को सुनने के बाद सिद्धू के प्रशंसक कमेंट कर सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं। वहीं, गैंगस्टर लॉरेंस के साथी और मूसेवाला की हत्या में शामिल गैंगस्टर दीपक टीनू के पुलिस हिरासत से फरार होने को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाया गया है।

पिता बोले- मेरे घर भी बजनी थीं शहनाइयां
सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने कहा कि उन्हें किसी के घर खुशी या शहनाइयों से कोई एतराज नहीं है लेकिन सरकार ने गीत पर बैन क्यों लगाया। ऐसी ही शहनाइयां मेरे घर पर भी बजनी थीं। हमने भी इसके लिए तारीख तय की थी लेकिन बदकिस्मती से हमें बेटे की लाश मिली। एक बच्ची का मन दुखी हुआ तो उसने गीत गाकर अपनी आवाज आप लोगों तक पहुंचाई तो क्या गुनाह किया। अगर उसने गलत किया है तो मामला दर्ज करें और हमारा नाम भी उसमें जोड़ लें, क्योंकि पहले दोषी हम भी हैं। सरकार की आलोचना करना हर किसी का अधिकार है।

विपक्षी नेताओं ने सरकार पर लगाया आवाज दबाने का आरोप
इस गीत को बैन करने के बाद विपक्ष के नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। नेता विपक्ष प्रताप सिंह भाजपा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा- मैं पंजाब के मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि गायिका जेनी जोहल ने अपने गीत लेटर टू सीएम में दर्द बयान किया है और दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला को इंसाफ दिलाने की मांग की है। इस गीत को यूट्यूब से हटवाना गलत है, जो भी मूसेवाला के पक्ष में आवाज उठाएगा हमारी पार्टी उसके साथ है।

वहीं, पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई हक और इंसाफ की बात करता है तो सरकार उसकी आवाज को दबा देती है। जेनी जोहल का क्या कसूर है, जिसने सीएम को संबोधित करते गीत गया, जिसमें सिद्धू मूसेवाला के लिए इंसाफ की मांग की गई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें