गीत के माध्यम से की सरकार की आलोचना
जेनी जोहल के गीत में पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की रिकॉर्ड तोड़ जीत का जिक्र भी किया गया है। जैनी कहती हैं कि बदलाव की मंशा के साथ 92 विधायक जिताए लेकिन लोगों के सपने मिट्टी में मिल गए हैं। सिर्फ चेहरे बदले हैं, राज वही है। जेनी के इस गाने को सुनने के बाद सिद्धू के प्रशंसक कमेंट कर सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं। वहीं, गैंगस्टर लॉरेंस के साथी और मूसेवाला की हत्या में शामिल गैंगस्टर दीपक टीनू के पुलिस हिरासत से फरार होने को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाया गया है।
पिता बोले- मेरे घर भी बजनी थीं शहनाइयां
सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने कहा कि उन्हें किसी के घर खुशी या शहनाइयों से कोई एतराज नहीं है लेकिन सरकार ने गीत पर बैन क्यों लगाया। ऐसी ही शहनाइयां मेरे घर पर भी बजनी थीं। हमने भी इसके लिए तारीख तय की थी लेकिन बदकिस्मती से हमें बेटे की लाश मिली। एक बच्ची का मन दुखी हुआ तो उसने गीत गाकर अपनी आवाज आप लोगों तक पहुंचाई तो क्या गुनाह किया। अगर उसने गलत किया है तो मामला दर्ज करें और हमारा नाम भी उसमें जोड़ लें, क्योंकि पहले दोषी हम भी हैं। सरकार की आलोचना करना हर किसी का अधिकार है।
विपक्षी नेताओं ने सरकार पर लगाया आवाज दबाने का आरोप
इस गीत को बैन करने के बाद विपक्ष के नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। नेता विपक्ष प्रताप सिंह भाजपा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा- मैं पंजाब के मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि गायिका जेनी जोहल ने अपने गीत लेटर टू सीएम में दर्द बयान किया है और दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला को इंसाफ दिलाने की मांग की है। इस गीत को यूट्यूब से हटवाना गलत है, जो भी मूसेवाला के पक्ष में आवाज उठाएगा हमारी पार्टी उसके साथ है।
वहीं, पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई हक और इंसाफ की बात करता है तो सरकार उसकी आवाज को दबा देती है। जेनी जोहल का क्या कसूर है, जिसने सीएम को संबोधित करते गीत गया, जिसमें सिद्धू मूसेवाला के लिए इंसाफ की मांग की गई है।