हरियाणा में सरकारी डाइट के बाद अब 342 निजी संस्थानों में भी जेबीटी बंद हो गई है। 21 हजार सीट पर नए सत्र में दाखिला नहीं होंगे। निजी संस्थानों के 5000 कर्मचारियों के सामने बेरोजगार होने की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रदेश में जेबीटी शिक्षकों की भर्ती न होने का तर्क देते हुए डाइट में दो साल पहले डिप्लोमा इन एलीमेंटरी कोर्स को बंद कर दिया गया था।
निकट भविष्य में जेबीटी भर्ती होने की कोई उम्मीद नहीं है, इसलिए निजी संस्थानों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। नए सत्र से प्रदेश के 342 निजी कॉलेजों में जेबीटी कोर्स के लिए दाखिले नहीं होंगे। इन निजी कॉलेजों में जेबीटी कोर्स की 21000 सीटें थी व 5100 से ज्यादा का स्टाफ है। इनमें 3456 शिक्षक व 1728 गैर शिक्षक कर्मचारी हैं।
सरकारी संस्थानों में कोर्स बंद करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, सरकार ने जवाब दिया कि प्रदेश में 2025 तक जेबीटी भर्ती की संभावना नहीं है। इससे जेबीटी के कोर्स को जारी रखने से बेरोजगारों की फौज खड़ी हो सकती है। इससे बेहतर है युवा इस कोर्स के बजाय रोजगारपरक कोर्स की तरफ ध्यान दें। इससे पहले प्रदेश के 25 सरकारी डाइट में जेबीटी कोर्स की 2750 सीट होती थीं लेकिन 2020-2021 सत्र से इन सीटों पर दाखिले बंद किए जा चुके हैं। स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़ी यूनियन सरकार के इस फैसले का विरोध कर चुकी हैं। सरकार ने अनेक बार अलग-अलग मंच पर स्पष्ट किया है कि अभी जेबीटी की मांग नहीं है। जब होगी तो यह कोर्स शुरू करेंगे। अभी जेबीटी सरप्लस हैं।