हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के दौरान जजों की सुरक्षा में खामियों पर सोमवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सात जिलों के सेशन जजों से जवाब मांगा है। मामले को हरियाणा सरकार को भी कड़ी फटकार पड़ी। जज ने एजी से कहा, आप जनता और हाईकोर्ट को गुमराह कर रहे हैं।
भिवानी की चीफ ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट स्वाति सहगल द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सुरक्षा वापिस लिए जाने के बारे में पत्र पर हाईकोर्ट ने गंभीर रवैया अपनाया। हाईकोर्ट ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों को दी गई पुलिस की सुरक्षा वापिस ले ली गई जिसके चलते कार्यवाहक चीफ जस्टिस को न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करवाना पड़ा।
इसके अलावा झज्जर की डीसी अनिता यादव को अगली सुनवाई पर खुद पेश होने के आदेश दिए गए हैं। गौरतलब है कि यादव ने हिंसा के दौरान जजों को हुए खतरे की जानकारी हाईकोर्ट को ईमेल से दी थी।
वहीं, एमिकस क्यूरे ने मुरथल कथित गैंगरेप मामले में पीड़ितों को आडियो और वीडियो कोर्ट में चलाने की अनुमति मांगी है। जस्टिस एसएस सारों व जस्टिस गुरमीत राम की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 11 अप्रैल के लिए स्थगित कर दी है।