हरियाणा की भाजपा सरकार विधानसभा में जाट आरक्षण बिल कभी भी ला सकती है। माना जा रहा है कि यह विधेयक 18 मार्च से पहले आ सकता है। दूसरी ओर विस में 21 मार्च को जाट आरक्षण आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा भी होनी है। वहीं ढेसी के नेतृत्व वाली कमेटी ने आरक्षण आंदोलन की रिपोर्ट सीएम खट्टर को सौंप दी है।
इस बीच मंगलवार को सीएम खट्टर ने आरक्षण के मुद्दे पर प्रवक्ताओं के साथ बैठक की। बैठक में सीएम के साथ बैठक में मुख्य सचिव डीएस ढेसी, टीसी गुप्ता, देवेंद्र सिंह, बलदेव राज महाजन, सीएम के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल समेत अन्य प्रमुख अफसर शामिल थे।
बैठक में जाट आरक्षण के प्रारूप पर चर्चा हुई। आरक्षण आंदोलन के मसले पर ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला काम रोको प्रस्ताव की सिफारिश कर चुके हैं। हालांकि इसे सरकार ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में तब्दील कर मुद्दे पर चर्चा के लिए 21 मार्च की तारीख तय कर दी है।
जाट आरक्षण विधेयक को अविलंब सदन में लाने की तैयारी में जुटी सरकार के इस रुख के दो अहम कारण माने जा रहे हैं। पहला कारण कांग्रेस का सदन से बाहर होना और दूसरा आरक्षण आंदोलन के मुद्दे पर 21 मार्च को चर्चा के लिए तारीख तय किया जाना है।
सूत्रों का कहना है कि सरकार के पास जाट आरक्षण आंदोलन से संबंधित प्रदेश भर से लगातार खुफिया सूचनाएं मिल रही हैं। इन सूचनाओं के आधार पर ऐसी संभावना है कि प्रदेश में एक बार फिर आरक्षण की आग भड़क सकती है।