जाट आरक्षण विधेयक अब लटक गया है। बुधवार को विधानसभा में विधेयक पेश होना था, लेकिन सहमति न बनने के कारण नहीं हो सका। शाम को सीएम मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में मंत्रियों की बैठक भी हुई। बैठक में विधेयक का मसौदा मंत्रियों के सामने रखा गया।
सरकार जाट, जट सिख, त्यागी, रोड़ व बिश्नोई जाति के लोगों को बीसी-सी की नई कैटेगरी बनाकर 10 प्रतिशत आरक्षण देने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार मंत्रियों की बैठक के दौरान कई मंत्रियों ने विधेयक के प्रारूप पर आपत्ति जताई। सरकार ने अब निर्णय लिया है कि विधेयक का प्रारूप नए सिरे से तैयार होगा, जिससे सभी सहमत हों। ऐसे में अब वीरवार को भी जाट आरक्षण विधेयक पेश नहीं हो सकेगा।