जाट आरक्षण को लेकर सोनीपत में महापंचायत
- फोटो : amar ujala
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर शहर में होने वाली भाईचारा रैली में एक बार फिर से पुलिस-प्रशासन की अग्नि परीक्षा होगी। आयोजकों का दावा है कि रैली में कई राज्यों से लाखों की तादात में लोग शामिल होंगे। ऐसे में रैली को शांतिपूर्ण कराना पुलिस-प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम होगा।
बता दें कि समिति की तरफ शनिवार को सेक्टर-6 के मैदान में भाईचारा रैली का आयोजन होगा। रैली के माध्यम से प्रदेश के बिगड़े भाईचारे को दोबारा से कायम करने का आह्वान किया जाएगा। आयोजकों की तरफ से रैली के लिए उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब समेत अन्य कई राज्यों के लोगों को निमंत्रण दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश की विभिन्न समितियों और खापों को आमंत्रित किया गया है।
रैली को भले ही अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की तरफ से कराया जा रहा हो, लेकिन इसमें सभी बिरादरी के लोगों को बुलाया गया है, जिससे भाईचारे की मिसाल कायम हो सके। इसके लिए रैली स्थल पर पांडाल आदि लगाया जा रहा है। रैली को लेकर जहां आयोजक पूरी तैयारी में है तो वहीं पुलिस-प्रशासन के हाथ-पैर फूले हुए हैं। दरअसल, जसिया के बाद पहली बार अधिक तादात में लोग शहर में इकट्ठा होंगे। ऐसे में पुलिस-प्रशासन को चिंता सता रही है कि रैली को शांतिपूर्ण किस तरह कराया जाए।