हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रव और हिंसा से हुए नुकसान की जांच के लिए बनी कमेटी पुलिस की भूमिका की भी जांच करेगी। उत्तरप्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में गठित कमेटी सोमवार को झज्जर का दौरा करेगी। इसके बाद हिसार और भिवानी का दौरा तय किया गया है।
कमेटी को पुलिस और फायर कर्मियों की शिकायत मिलने के बाद बारीकी से जांच में जुट गई है। कमेटी पुलिस की भूमिका और कहां-कहां लापरवाही बरती गई, इसकी रिपोर्ट तैयार करेगी। इस दौरान कमेटी प्रभावित क्षेत्रों के पीड़ितों, अधिकारियों सहित अन्य संगठनों से भी जानकारियां और सुबूत जुटाएगी।
उधर, प्रकाश सिंह ने कहा है कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान अपनी जिम्मेवारी निभाने में कोताही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनका कहना है कि प्रभावित जिलों का दौरा करने के बाद 45 दिनों में रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पुलिस को दी गई शिकायतों पर कार्रवाई, सुनवाई में देरी की वजह के साथ-साथ फायर कर्मियों सहित अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
कमेटी स्थानीय लोगों से भी जानकारियां हासिल करेगी। पुलिस और फायरकर्मियों की ओर से ड्यूटी में लापरवाही को जांच में शामिल किया जाएगा। शिकायतों की सुनवाई में देरी या इससे पल्ला झाड़ने वाले अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। जाट आंदोलन के दौरान 30 लोगों की मौतें हुई थीं, जबकि करोड़ों का नुकसान हुआ।