फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा में भड़की आरक्षण की आग पर नेताओं के बड़े बोल

Sun, 21 Feb 2016 01:51 PM IST
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
विज्ञापन
जाट आंदोलन की आग में पूरा प्रदेश जल रहा है। वहीं, सरकार किसी तरह माहौल शांत करने के साथ ही राजनीतिक साजिश तलाश रही है। इसको लेकर भाजपा मंत्री व प्रदेश प्रभारी के जहन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस रोहतक में पहले कभी हिंसा नहीं भड़की, वहां अचानक इतनी बड़ी चिंगारी कैसे भड़क सकती है।
विज्ञापन


इसके अलावा भी कई सवाल निकलकर सामने आए हैं और इन सब इनके जवाब चाहते हैं। लेकिन वह पहले माहौल शांत करना चाहते हैं और उसके बाद पूरी जांच कराने की बात भी कह रहे हैं। प्रदेश में रोहतक, झज्जर, भिवानी, सोनीपत, हिसार, पानीपत, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद, फतेहाबाद जिले झुलस रहे हैं।

इन सभी जगह उपद्रवियों ने उत्पात मचाया हुआ है और तोड़फोड़, पथराव, आगजनी, फायरिंग हो रही है। मंत्रियों, विधायकों व सांसदों तक को निशाना बनाया गया। रोहतक में वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का घर व कार्यालय जला दिया गया तो भाजपा के अकेले विधायक मनीष ग्रोवर के कार्यालय में तोड़फोड़ कर आगजनी कर दी गई। झज्जर में कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के आवास पर पथराव किया गया तो पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के घर आगजनी की गई।
विज्ञापन

विज्ञापन

राजनीतिक साजिश की तलाश में जुटी भाजपा

वहीं, कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी के घर पर भी पथराव किया गया। सांसद के घर पथराव का कारण जाट बिरादरी के खिलाफ बयानबाजी करना माना जा रहा है। लेकिन जाट बिरादरी से होने के बावजूद वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के घर हुए उपद्रव किसी के जहन में नहीं उतर रहा है।

इनके अलावा यह सवाल भी भाजपा मंत्री जानना चाहते हैं कि आखिर जब वर्ष 2010 व 2012 में हरियाणा के कई जिलों में आरक्षण आंदोलन हुआ था, उस समय भी रोहतक, सोनीपत और झज्जर पूरी तरह से शांत रहा था। लेकिन इस बार उपद्रव की शुरुआत ही रोहतक से हुई है, जिसने भाजपा को सोचने पर मजबूर किया है।

वह इस उपद्रव में राजनीतिक साजिश तलाश रही है, जिससे ऐसा करने वाले जनता के सामने हों। भाजपा के मंत्री और प्रदेश प्रभारी ने साफ कर दिया है कि सभी किसी तरह माहौल शांत करने में सभी जुटे हैं और उसके बाद इसकी भी जांच होगी कि कोई राजनीतिक साजिश तो नहीं हुई है।

जाटों को आरक्षण देने के लिए सरकार पहले ही कह चुकी थी और अब उस पर काम भी शुरू कर दिया गया है। वहीं जिस तरह से अचानक ऐसी जगह चिंगारी भड़की है, जहां कभी जाट आरक्षण पर हंगामा भी नहीं हुआ है। यह भी राजनीतिक षड्यंत्र दिख रहा है। इस समय हरियाणा में माहौल शांत करना जरूरी है और सभी इसमें लगे हैं। राजनीतिक षड्यंत्र को लेकर भी सरकार को जांच करानी चाहिए।
- संजीव बालियान, केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री

इस तरह के उपद्रव में राजनीतिक पृष्ठभूमि रहती है, लेकिन इसके पीछे कौन है यह भी जल्द ही साफ हो जाएगा। इस समय हर किसी से शांति बनाए रखने की अपील हो रही है और जल्द ही हालात ठीक कर लिए जाएंगे।
- अनिल जैन, भाजपा प्रदेश प्रभारी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें