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जाट आरक्षण: जाटों के धरनों के समर्थन में आए कांग्रेसी और इनेलो

Wed, 15 Jun 2016 05:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जाट आरक्षण के लिए विरोध - फोटो : amar ujala
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हरियाणा में पांच जून से शुरू हुए जाटों के धरना-प्रदर्शन में अब कांग्रेस और इनेलो खुलकर सामने आया है। मंगलवार को रोहतक जिले से संबंधित दो कांग्रेस विधायकों के धरने में पहुंचने के बाद इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला भी खुलकर सामने आ गए हैं।
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अभय ने कहा कि वे बुधवार 15 जून को प्रदेश में जाट आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे धरना स्थलों पर जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष ने आंदोलनकारियों से उकसाने के लिए होने वाली तमाम कोशिशों के बावजूद शांति, संयम व सद्भाव बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि मेहम में सीएम का बयान लोगों को उकसाने वाला था। अभय चौटाला ने कहा कि इनेलो पहले भी आरक्षण दिए जाने के पक्ष में थी, अब भी आरक्षण पर समर्थन का पूरा भरोसा दिलाते हुए उनकी पार्टी जाटों सहित पांचों जातियों को दिए गए आरक्षण को कायम रखने की पक्षधर है।

कांग्रेस और इनेलो की इस कार्रवाई के बाद से खट्टर सरकार सकते में है। वजह वजह साफ है कि पिछले जाट आंदोलन में राजनीतिक दलों के उकसावे के कारण आंदोलन जातीय हिंसा में बदल गया था, जिसका खामियाजा अभी तक भाजपा सरकार भुगत रही है। इनेलो के खुलकर सामने आने के बाद प्रदेश की कानून व्यवस्था ने भी मंथन शुरू कर दिया है। हालांकि, इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने शांतिपूर्ण ढंग से धरना देने की अपील की है।
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17 जून की बैठक का होमवर्क शुरू मुख्यमंत्री की ओर से बातचीत के लिए जाट नेताओं और खाप प्रतिनिधियों की जो बैठक बुलाई थी। वह अब 15 की बजाय 17 जून को होगी। 17 जून को होने वाली इस बैठक को लेकर सरकार के साथ अधिकारियों ने भी होमवर्क शुरू कर दिया है।

सरकार की नीयत में शुरू से खोट था : अभय इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला इनेलो नेता बुधवार को झज्जर, रोहतक, जींद व कैथल जिलों में आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे धरना स्थलों पर जाएंगे। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि जाट आरक्षण के मामले में सरकार की नीयत में शुरू से ही खोट था, इसीलिए अब यह मामला अदालत में अटका हुआ है।

हम ईमानदारी से हल निकाल रहे : खट्टर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि यह मसला बातचीत से सुलझाया जा सकता है। सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों ने बातचीत भी शुरू की है, अच्छी बात है कि वो लोग बातचीत के लिए तैयार हुए हैं। जहां तक आरक्षण का सवाल है, हमने एक्ट बना दिया है। हाईकोर्ट में स्टे हुआ है, उसको हटवाने के लिए कोशिश जारी है। सरकार कोर्ट में पूरी मजबूती से पैरवी कर रही है। हमने आरक्षण के लिए आंदोलन करने वाले उन संगठनों से भी कहा है कि वे भी अगर अपने वकील को कोर्ट में पैरवी के लिए खड़ा करें तो सरकारी वकील की तरह हम उसकी फीस भी देने को तैयार हैं।
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