जाट आरक्षण का मुद्दा जहां अभी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित है वहीं जाट नेताओं ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर इस तारीख तक मांगें नहीं मानी गईं तो फिर से करेंगे आंदोलन। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार को 27 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है।
इस दौरान यदि जाट समाज की मांगें नहीं मानी गईं तो 13 सितंबर को हिसार के मय्यड़ में होने वाली रैली में आगामी आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी। इसकी रणनीति रोहतक में होने वाली भाईचारा रैली में बनाई जाएगी। यह बात समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कही। वे बुधवार को जाट भवन में हुई समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में पहुंचे थे। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मलिक ने कहा कि 27 अगस्त को रोहतक में पानीपत बाईपास रोड पर भाईचारा रैली होगी।
यह छत्तीस बिरादरी की रैली होगी, जिसमें हरियाणा के अलावा कई प्रदेशों के लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण का मुद्दा जहां अभी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित है। जाट समाज की अनेक मांगें हैं, जिन पर अभी सहमति नहीं बन पाई है। इसको लेकर जाट समाज में रोष है। मांगों को लेकर सरकार से तीन बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई हल नहीं निकला है। उन्होंने कहा कि जाट समाज की मांग है कि फरवरी में हुए आंदोलन के दौरान दर्ज केस वापस लिए जाएं और गिरफ्तार युवाओं को रिहा किया जाए।
नई गिरफ्तारियों पर रोक लगाई जाए। रोहतक और हिसार में हो रहीं गिरफ्तारियों के खिलाफ समिति के प्रतिनिधि अगले सप्ताह सीएम के नाम जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन भी देंगे। मलिक ने कहा कि अगर सरकार का ऐसा ही रवैया रहा तो यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में जाट समाज भाजपा के खिलाफ वोट डालेगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर की कार्यकारिणी का गठन दोबारा होगा।