आरक्षण को लेकर हरियाणा में जाटों का विरोध प्रदर्शन
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर राज्य के 12 जिलों में जाटों का धरना मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी है। रेल मार्ग और सड़क से दूर दिया जा रहा धरना शांतिपूर्ण चल रहा है। अधिकतर स्थानों पर धरने की कमान बुजुर्गों के हाथ में हैं।
कुछ जिलों में पुलिस प्रशासन ने आंदोलनकारियों को धरना खत्म करने के लिए राजी करने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी केवल झज्जर में मिली, जहां अनिश्चितकालीन धरना खत्म कर दिया गया है। रोहतक, पानीपत समेत कुछ जिलों में 42 डिग्री से अधिक तापमान में भी लोग धरनास्थल पर जुटे रहे। हालांकि धरना देने वालों की संख्या रविवार के मुकाबले कम थी। लेकिन रोहतक के जसिया में लोगों की ठीकठाक भीड़ जुटी।
मुनक हेड, मुनक नहर, जीटी रोड समेत संवेदनशील स्थानों और धरना स्थलों पर सुरक्षा बल अलर्ट रहे हालांकि शांतिपूर्ण आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा कुछ कम कर दी गई है। कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। इस दौरान कुरुक्षेत्र और पानीपत में धरने को भारतीय किसान यूनियन का भी समर्थन मिला। कैथल में धरना शाम चार बजे तक ही चला जबकि अन्य स्थानों पर रात में भी धरना दिया जा रहा है।
चरखी दादरी शहर में उस समय माहौल गरमा गया, जब जिला प्रशासन ने लोगों को एक घंटे के भीतर धरने से उठने का अल्टीमेटम दिया। एक घंटा पूरा होने के बाद भी आंदोलनकारी धरनास्थल पर जमे रहे। महेंद्रगढ़ बाईपास पर दिए जा रहे धरने में 30-35 लोगों की भागेदारी रही। तहसीलदार राजकुमार अरोड़ा ने धरने पर बैठे अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति के जिला प्रधान राजकुमार हड़ौदी को नोटिस थमाया।
बाद में राजकुमार हड़ौदी ने कहा कि वे नोटिस के बावजूद धरने से नहीं उठेंगे। प्रशासन उन्हें गिरफ्तार कर सकता है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को सोमवार को रोहतक आना था लेकिन रिश्तेदारी में एक हादसा हो जाने की वजह से वह नहीं आ सके, हालांकि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को रोहतक भेजा।