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आंदोलन का तीसरा दिन: 12 जिलों में डटे जाट, माहौल शांतिपूर्ण

Wed, 08 Jun 2016 09:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक।
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आरक्षण को लेकर हरियाणा में जाटों का विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर राज्य के 12 जिलों में जाटों का धरना मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी है। रेल मार्ग और सड़क से दूर दिया जा रहा धरना शांतिपूर्ण चल रहा है। अधिकतर स्थानों पर धरने की कमान बुजुर्गों के हाथ में हैं। 
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कुछ जिलों में पुलिस प्रशासन ने आंदोलनकारियों को धरना खत्म करने के लिए राजी करने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी केवल झज्जर में मिली, जहां अनिश्चितकालीन धरना खत्म कर दिया गया है। रोहतक, पानीपत समेत कुछ जिलों में 42 डिग्री से अधिक तापमान में भी लोग धरनास्थल पर जुटे रहे। हालांकि धरना देने वालों की संख्या रविवार के मुकाबले कम थी। लेकिन रोहतक के जसिया में लोगों की ठीकठाक भीड़ जुटी।  

मुनक हेड, मुनक नहर, जीटी रोड समेत संवेदनशील स्थानों और धरना स्थलों पर सुरक्षा बल अलर्ट रहे हालांकि शांतिपूर्ण आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा कुछ कम कर दी गई है। कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। इस दौरान कुरुक्षेत्र और पानीपत में धरने को भारतीय किसान यूनियन का भी समर्थन मिला। कैथल में धरना शाम चार बजे तक ही चला जबकि अन्य स्थानों पर रात में भी धरना दिया जा रहा है।
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चरखी दादरी शहर में उस समय माहौल गरमा गया, जब जिला प्रशासन ने लोगों को एक घंटे के भीतर धरने से उठने का अल्टीमेटम दिया। एक घंटा पूरा होने के बाद भी आंदोलनकारी धरनास्थल पर जमे रहे। महेंद्रगढ़ बाईपास पर दिए जा रहे धरने में 30-35 लोगों की भागेदारी रही। तहसीलदार राजकुमार अरोड़ा ने धरने पर बैठे अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति के जिला प्रधान राजकुमार हड़ौदी को नोटिस थमाया।

बाद में राजकुमार हड़ौदी ने कहा कि वे नोटिस के बावजूद धरने से नहीं उठेंगे। प्रशासन उन्हें गिरफ्तार कर सकता है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को सोमवार को रोहतक आना था लेकिन रिश्तेदारी में एक हादसा हो जाने की वजह से वह नहीं आ सके, हालांकि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को रोहतक भेजा। 
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जाट आंदोलन से सहमे पर्यटक

जाट आरक्षण - फोटो : ANI
फरवरी महीने में हुए जाट आरक्षण आंदोलन से खौफजदा पर्यटक हिमाचल का रुख करने में कतरा रहे हैं। हरियाणा में पांच जून से दोबारा शुरू हुए जाट आंदोलन के बीच सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बावजूद पर्यटक घबरा रहे हैं। सचिवालय में बनाए गए कंट्रोल रूम के आंकड़े इसके गवाह हैं कि एक दिन में ही लगभग 60 कॉले आईं, जिनमें अधिकतर कॉल शिमला, मनाली सहित हिमाचल प्रदेश के अन्य टूरिस्ट डेस्टिनेशन को लेकर थीं।

पल-पल की जानकारी हो रही अपडेट
चंडीगढ़ में बनाए गए कंट्रोल रूम के इंचार्ज ने बताया कि प्रदेश भर के 13 जिलों में धरनास्थल की पल-पल की स्थिति हर घंटे अपडेट की जा रही है। दोपहर दो बजे तक किसी भी जिले से हिंसा की कोई खबर नहीं थी।

सीएम तक रिपोर्ट पहुंचा रहा खुफिया विभाग
हरियाणा में शांतिपूर्ण आंदोलन का दावा कर रही प्रदेश सरकार के आला अधिकारियों की सांसें अटकी हुई हैं। बीते फरवरी महीने के जाट आरक्षण आंदोलन से सबक लेते हुए सरकारी मशीनरी इस समय एक-एक पल की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचा रही है। होम सेक्रेट्री राम निवास और डीजीपी केपी सिंह लगातार बैठकें कर अधिकारियों को दिशा निर्देश दे रहे हैं।
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